Blackbuck: The Battle for Legacy: सलमान खान को 'काला हिरण' विवाद में बड़ी राहत, कोर्ट ने 24 घंटे में टीजर हटाने का दिया आदेश

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' को लेकर चल रहे विवाद में बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म के टीजर को सोशल मीडिया और इंटरनेट के सभी प्लेटफॉर्म से 24 घंटे के भीतर हटाने का आदेश दिया है। अदालत ने फिल्म के निर्माता अमित जानी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि विचाराधीन मामले पर आधारित इस तरह का कंटेंट अभिनेता की प्रतिष्ठा और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को प्रभावित कर सकता है।
कोर्ट ने दिए टीजर हटाने के निर्देश
सोमवार को जस्टिस ज्योति सिंह की अदालत ने सुनवाई के दौरान फिल्म का टीजर देखने के बाद स्पष्ट निर्देश दिए कि इसे एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब सहित सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से 24 घंटे के भीतर हटाया जाए। अदालत ने कहा कि हर मिनट यह कंटेंट सार्वजनिक रहने से वादी यानी सलमान खान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि प्रतिष्ठा वर्षों की मेहनत से बनती है और एक बार उसे ठेस पहुंच जाए तो उसकी भरपाई आसान नहीं होती।
प्रोड्यूसर अमित जानी को लगी फटकार
सुनवाई के दौरान अदालत ने निर्माता अमित जानी के रवैये पर नाराजगी जताई। जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पिछली बार कोई सख्त आदेश न मिलने से उनके हौसले बढ़ गए हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि निर्माता स्वयं को कानून से ऊपर समझ रहे हैं। न्यायाधीश ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले नरमी बरती थी, लेकिन अब यह स्पष्ट है कि निर्माता अपने व्यवहार में सुधार करने को तैयार नहीं हैं।
सलमान खान ने लगाए ये आरोप
सलमान खान ने अपनी याचिका में पर्सनैलिटी राइट्स और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार की सुरक्षा की मांग की है। अभिनेता का कहना है कि फिल्म 1998 के काले हिरण शिकार मामले से प्रेरित है, जिसकी सुनवाई अब भी राजस्थान हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। उनके अनुसार, फिल्म के पोस्टर और टीजर में दिखाया गया किरदार उनके जैसा दिखाई देता है, वही ब्रेसलेट पहनता है और उसे अंडरवर्ल्ड से जुड़े व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे उनकी छवि धूमिल हो रही है।
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लीगल नोटिस फाड़ने का भी हुआ जिक्र
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि सलमान खान की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस को निर्माता अमित जानी ने कथित तौर पर वीडियो बनाकर फाड़ दिया था। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि उन्हें सलमान खान और अंडरवर्ल्ड की ओर से धमकियां मिल रही हैं। अभिनेता ने इसे उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया।
मेकर्स की कोर्ट में दलील
फिल्म निर्माता की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि न तो टीजर और न ही फिल्म में कहीं सलमान खान का नाम लिया गया है। उन्होंने यह भी दलील दी कि फिल्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया गया है। उनका कहना था कि केवल एक टीजर से पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का दावा नहीं किया जा सकता। इस पर सलमान खान की ओर से जवाब दिया गया कि लंबित आपराधिक मामले के दौरान इस तरह का चित्रण उनके निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को प्रभावित करता है।
गूगल और मेटा की जिम्मेदारी पर भी कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान गूगल और मेटा की ओर से कहा गया कि इंटरनेट इंटरमीडियरी होने के कारण वे किसी कंटेंट को प्रकाशित होने से पहले नहीं रोक सकते। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की भी जिम्मेदारी तय होती है। जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि यदि किसी कंटेंट से किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है, तो प्लेटफॉर्म अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह अलग नहीं हो सकते।
Created On :   27 July 2026 6:59 PM IST












