डिप्रेशन में थे शेखर सुमन!: बड़े बेटे की मौत, छोटे बेटे अध्ययन और कंगना के विवादित अफेयर के बीच डिप्रेशन से गुजरा शेखर सुमन का परिवार, कैसे बने सपोर्ट सिस्टम?

बड़े बेटे की मौत, छोटे बेटे अध्ययन और कंगना के विवादित अफेयर के बीच डिप्रेशन से गुजरा शेखर सुमन का परिवार, कैसे बने सपोर्ट सिस्टम?
शेखर सुमन ने 11 साल की उम्र में बड़े बेटे आयुष को खोने का दर्द झेला। वहीं, छोटे बेटे अध्ययन सुमन का नाम कंगना रनौत के साथ रिश्ते और विवादों को लेकर चर्चा में रहा। जानिए, इन मुश्किल दौर में शेखर सुमन ने परिवार को कैसे संभाला।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। शो शेखर टुनाइट को लेकर चर्चा में चल रहे एक्टर शेखर सुमन की जिंदगी में एक ऐसा दौर आया, जब परिवार को एक के बाद एक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पहले बड़े बेटे आयुष को खोने का दर्द, फिर छोटे बेटे अध्ययन सुमन के करियर में उतार-चढ़ाव और कंगना रनौत के साथ उनके रिश्ते पर विवाद। इन सबके बीच शेखर और उनकी पत्नी अलका ने परिवार को संभालने की कोशिश की। शेखर ने कई बार अपने परिवार के इस मुश्किल दौर और बेटे के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की है। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने बेटों, उनके करियर और फैमिली पर खुलकर बात की। जानते हैं तमाम परेशानियों से उन्होंने अपने छोटे बेटे को कैसे उबारा और फैमिली को कैसे संभाला?

11 साल की उम्र में बेटे का निधन

शेखर सुमन के बड़े बेटे आयुष का 3 अप्रैल 1995 को 11 साल की उम्र में निधन हो गया था। वे 'एंडोमायोकार्डियल फाइब्रोलास्टोसिस' जैसी रेअर बीमारी से जूझ रहे थे। बेटे की बीमारी के दौरान शेखर को काम भी करना पड़ता था। उन्होंने बताया था कि उस समय पर्दे पर लोगों को हंसाना उनके लिए आसान नहीं था। आयुष के निधन से पूरे परिवार को गहरे सदमा लगा था। शेखर ने बताया था कि वे और अलका कई साल तक डिप्रेशन से जूझते रहे। उन्होंने कहा की उनकी पत्नी ने परिवार को एक साथ रखा। साथ ही, छोटे बेटे अध्ययन को उस दौर में परिवार की ताकत बताया।

अध्ययन और कंगना के रिश्ते पर क्या बोले थे शेखर?

अध्ययन सुमन और कंगना रनौत का रिश्ता फिल्म ‘राज: द मिस्ट्री कंटीन्यूज’ के दौरान चर्चा में आया था। बाद में दोनों अलग हो गए और उनके रिश्ते को लेकर बयान भी सामने आए। इस पूरे मामले पर शेखर ने कहा था कि वे अपने बेटे के रिश्ते के खिलाफ नहीं थे। शेखर के मुताबिक, उन्हें रिश्ते के बारे में जानकारी थी, लेकिन वे कंगना से इस मामले में सीधे बात करने नहीं गए। उनका मानना था कि यह अध्ययन की जिंदगी और उसकी लड़ाई थी। पिता के तौर पर वे उसे हिम्मत दे सकते थे, लेकिन उसकी जगह लड़ाई नहीं लड़ सकते थे।

बेटे के मुश्किल दौर में दिया साथ

अध्ययन के करियर में भी कई उतार-चढ़ाव आए। शेखर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मुश्किल समय में उन्होंने बेटे को हौसला देने की कोशिश की। वे नहीं चाहते थे कि अध्ययन उम्मीद छोड़ दे। शेखर ने यह भी कहा था कि वे दूसरों पर दोष डालने के बजाय अपने रास्ते पर आगे बढ़ने में भरोसा रखते हैं।

अब पापा के साथ काम कर रहे अध्ययन

अध्ययन सुमन ने 2008 में फिल्म ‘हाल-ए-दिल’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। इसके बाद वे ‘राज़: द मिस्ट्री कंटीन्यूज’ (2009), ‘जश्न’ (2009), ‘देहरादून डायरी’ (2013), ‘हिम्मतवाला’ (2013), ‘हार्टलेस’ (2014), ‘लखनऊई इश्क’ (2015), ‘इश्क क्लिक’ (2016), ‘बेख़ुदी’ (2021) और ‘चुप: रिवेंज ऑफ द आर्टिस्ट’ (2022) जैसी फिल्मों में नजर आए। अध्ययन ने फिल्मों के बाद वेब सीरीज में भी काम किया। संजय लीला भंसाली की ‘हीरामंडी’ में उनके काम को लेकर शेखर ने खुशी जाहिर की थी। हाल ही में अध्ययन अपने पिता के टॉक शो ‘शेखर टुनाइट’ के डायरेक्शन से भी जुड़े हैं। वहीं ‘हीरामंडी’ के अलावा वे ‘डैमेज्ड 2’, ‘आश्रम’, ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ जैसी वेब सीरीज में भी नजर आ चुके हैं।


Created On :   14 Oct 2026 3:08 PM IST

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