comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

Yamaha म्यूजिक ने भारत में लॉन्च किए नए साउंडबार YAS-109 और YAS-209

Yamaha म्यूजिक ने भारत में लॉन्च किए नए साउंडबार YAS-109 और YAS-209

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जापान की कंपनी Yamaha corporation ने भारतीय बाजार में अपनी नवीनतम रेंज साउंडबार पेश की है। ये दोनों साउंडबार हैं YAS-109 और YAS-209, जो बेहतरीन म्यूजिक का अनुभव प्रदान करते हैं। नेक्स्ट जेनरेशन साउंडबार बिल्ट-इन एलेक्सा वॉयस कंट्रोल के साथ आते हैं। क्या है इनकी कीमत और फीचर्स, आइए जानते हैं...

कीमत
दोनों साउंडबार अमेजन म्यूजिक और एलेक्सा सपोर्टेड म्यूजिक सेवाएं देने में सक्षम हैं। बात करें कीमत की तो YAS-109 की कीमत 23,990 रुपए रखी गई है वहीं YAS-209 की कीमत 35490 रुपए है। दोनों मॉडल अधिकृत यामाहा एवी डीलरों पर उपलब्ध होंगे। 

फीचर्स
दोनों नए साउंडबार अल्ट्रा-स्लिम डिजाइन के साथ आते हैं, जिससे इन्हें टीवी के साथ रखना आसान हो जाता है। इसके अलावा, इन नए मॉडलों में स्पोटीफाइ कनेक्ट, अमेजन म्युजिक और एलेक्सा सपोर्ट म्युजिक फीचर्स मिलते हैं। इसके लिए इनमें वाई-फाई कनेक्टिविटी की सुविधा दी गई है।

डॉल्बी डिजिटल और डीटीएस डिजिटल
YAS-109 में बिल्ट इन सबवूफर है जबकि YAS-209 में वायरलेस सबवूफर दिया गया है। इन साउंडबार में डॉल्बी डिजिटल और DTS डिजिटल सराउंड डिकोडिंग के साथ-साथ DTS वर्चुअल: एक्स फॉर इमर्सिव, वर्चुअल 3D सराउंड साउंड भी मिलता है। दोनों साउंडबार में यामाहा क्लियर वॉयस तकनीक का यूज किया गया है, जो बेहतरीन वॉइस टीवी के संवाद के दौरान और म्यूजिक के समय प्रदान करते हैं। खास तौर पर एक्शन सीन और लाइव स्पोर्ट्स कार्यक्रमों के दौरान इसका अनुभव प्रभावित करता है। 

एप से भी होंगे कंट्रोल
दोनों साउंडबार को एक एप के माध्यम से भी नियंत्रित किए जा सकते हैं। दोनों साउंडबार के इनपुट और वॉल्यूम को Apple और Android मोबाइल से नियंत्रित किया जा सकता है। YAS-109 और YAS-209 दोनों बिल्ट-इन एलेक्सा के साथ आते हैं, जिससे आपकी आवाज के साथ साउंडबर्ज को नियंत्रित करना आसान हो जाता है। इसके अलावा, एलेक्सा नियंत्रण के लिए इसके रिमोट में एक बटन दिया गया है।

यामाहा म्यूजिक इंडिया प्रा. लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर मार्केटिंग कीगन पेस ने कहा, “यामाहा म्युजिक YAS-109 और YAS-209 साउंडबार्स इन बिल्ट-इन एलेक्सा वॉयस कंट्रोल भारतीय ऑडियो बाजार में एक नया बेंचमार्क स्थापित करेगा।  

कमेंट करें
iyI2c
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।