Lifestyle: सुबह उठते ही अकड़ जाते हैं हाथ-पैर? आर्थराइटिस के इन 5 संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

सुबह उठते ही अकड़ जाते हैं हाथ-पैर? आर्थराइटिस के इन 5 संकेतों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
  • जोड़ों में दर्द, सूजन और सुबह की जकड़न हो सकती है गठिया की शुरुआती पहचान
  • समय पर जांच और सही इलाज से बचाई जा सकती है जोड़ों की सेहत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुबह नींद से जागने के बाद हाथों की उंगलियों, कलाई, घुटनों या पैरों के जोड़ों में अकड़न महसूस होना एक आम समस्या लग सकती है। कई लोग इसे बढ़ती उम्र, थकान या कमजोरी का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, यदि यह समस्या बार-बार हो रही है, जोड़ों में दर्द या सूजन भी है और चलने-फिरने में परेशानी होने लगी है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ये लक्षण आर्थराइटिस यानी गठिया के संकेत हो सकते हैं।

आर्थराइटिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें जोड़ों में दर्द, सूजन और उनकी सामान्य गतिविधियों में परेशानी हो सकती है। इसके कई प्रकार हैं। ऑस्टियो आर्थराइटिस में जोड़ों के कार्टिलेज में धीरे-धीरे बदलाव आते हैं, जबकि रूमेटाइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली जोड़ों की परत पर हमला करने लगती है। दोनों के लक्षण और इलाज अलग हो सकते हैं। इसलिए सही कारण का पता लगाना जरूरी है।

सुबह की जकड़न को न करें नजरअंदाज

सुबह उठने पर हाथ-पैरों में अकड़न महसूस होना आर्थराइटिस का एक प्रमुख संकेत हो सकता है। खासकर रूमेटाइड आर्थराइटिस में सुबह की जकड़न लंबे समय तक बनी रह सकती है। यदि अकड़न 30 से 60 मिनट या उससे अधिक समय तक रहती है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। हालांकि, केवल सुबह की जकड़न के आधार पर गठिया की पुष्टि नहीं की जा सकती।

आर्थराइटिस के 5 प्रमुख संकेत

1. सुबह उठते ही हाथ-पैरों में अकड़न: यदि सोकर उठने के बाद उंगलियों, कलाई, घुटनों या टखनों को मोड़ने और सीधा करने में परेशानी होती है, तो यह जोड़ों में सूजन या अन्य समस्या का संकेत हो सकता है। बार-बार होने वाली और लंबे समय तक रहने वाली जकड़न की जांच करानी चाहिए।

2. जोड़ों में लगातार दर्द: घुटनों, कूल्हों, हाथों या पैरों के जोड़ों में बार-बार दर्द होना गठिया का एक प्रमुख लक्षण है। शुरुआत में दर्द चलने, सीढ़ियां चढ़ने या कोई काम करने के बाद बढ़ सकता है। बीमारी बढ़ने पर आराम करते समय भी दर्द महसूस हो सकता है।

3. जोड़ों में सूजन और गर्माहट: यदि किसी जोड़ के आसपास सूजन दिखाई दे, छूने पर गर्म महसूस हो या हल्का दबाव डालने पर दर्द हो, तो यह सूजन संबंधी गठिया का संकेत हो सकता है। अचानक गंभीर दर्द, लालिमा और गर्माहट के साथ बुखार हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें, क्योंकि संक्रमण सहित अन्य गंभीर कारण भी हो सकते हैं।

4. हाथों की पकड़ कमजोर होना: बोतल का ढक्कन खोलने, कप पकड़ने, लिखने या बटन लगाने जैसे सामान्य कामों में परेशानी होना भी आर्थराइटिस से जुड़ा हो सकता है। उंगलियों के जोड़ों में दर्द और सूजन के कारण हाथों की पकड़ प्रभावित हो सकती है।

5. चलने-फिरने और रोजमर्रा के कामों में परेशानी: घुटनों या कूल्हों में दर्द के कारण सीढ़ियां चढ़ना, कुर्सी से उठना, लंबे समय तक खड़े रहना या कुछ दूरी तक चलना मुश्किल हो सकता है। यदि इन समस्याओं के कारण दैनिक गतिविधियां प्रभावित होने लगें, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

डॉक्टर की सलाह: समय पर पहचान और इलाज जरूरी

डॉक्टर के अनुसार, आर्थराइटिस के लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने से दर्द और चलने-फिरने में परेशानी बढ़ सकती है। शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान होने से लक्षणों को नियंत्रित करने और जोड़ों की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

दिल्ली के जेएमसी अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज प्रो. (डॉ.) राजेश भल्ला का कहना है, “सुबह उठने पर जोड़ों में जकड़न, बार-बार दर्द और सूजन को केवल उम्र बढ़ने का सामान्य असर मानना सही नहीं है। यदि ये लक्षण लगातार बने रहते हैं या रोजमर्रा के काम प्रभावित करने लगते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। खासकर दोनों हाथों की उंगलियों या कलाई जैसे जोड़ों में एक साथ दर्द और सूजन होने पर रूमेटाइड आर्थराइटिस की संभावना की जांच जरूरी हो सकती है।”

डॉक्टर जरूरत के अनुसार शारीरिक परीक्षण, एक्स-रे, अन्य इमेजिंग जांच और रक्त परीक्षण की सलाह दे सकते हैं। रूमेटाइड आर्थराइटिस की आशंका होने पर कुछ विशेष रक्त परीक्षण भी किए जा सकते हैं। जांच का चुनाव लक्षणों और मरीज की स्थिति के आधार पर किया जाता है।

जीवनशैली में बदलाव भी फायदेमंद

आर्थराइटिस के मरीजों के लिए नियमित और हल्की शारीरिक गतिविधि, वजन नियंत्रित रखना तथा संतुलित आहार लेना उपयोगी हो सकता है। डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से चलना, हल्की स्ट्रेचिंग और जोड़ों के अनुकूल व्यायाम किए जा सकते हैं। सुबह अकड़न होने पर हल्की गर्म सिकाई से कुछ लोगों को राहत मिल सकती है।

दर्द होने पर अपनी मर्जी से लंबे समय तक पेनकिलर लेना या स्टेरॉयड का इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है। सही इलाज आर्थराइटिस के प्रकार और उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। इसलिए लगातार दर्द, सूजन या जकड़न होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें। समय पर जांच और उचित उपचार से जोड़ों की सेहत और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

Created On :   13 Oct 2026 9:02 PM IST

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