दैनिक भास्कर हिंदी: चीन के कोरोनावायरस का असर मप्र के दवा कारोबार पर

February 21st, 2020

हाईलाइट

  • चीन के कोरोनावायरस का असर मप्र के दवा कारोबार पर

भोपाल, 21 फरवरी (आईएएनएस)। चीन में फैले कोरोनावायरस ने मध्य प्रदेश के दवा कारोबार को बीमार कर दिया है। दवाओं के दाम बढ़ने के साथ कालाबाजारी के भी आसार बनने लगे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि कच्चा माल चीन से आता है जो इन दिनों बंद है।

राज्य के इंदौर, पीथमपुर, देवास, मंडीदीप, ग्वालियर, रतलाम सहित कई स्थानों पर दवा बनाने वाले संयंत्र हैं। अनुमान के मुताबिक दवा बनाने के 300 से ज्यादा संयंत्र हैं, इनमें से अधिकांश इंदौर के आसपास ही स्थित हैं। इन संयंत्रों में अधिकांश कच्चा माल चीन से आता है, मगर चीन में फैले कोरोनावायरस के चलते राज्य में वहां से आयात पर पूरी तरह रोक लगी हुई है।

दवा कारोबार से जुड़े लोगों ने कहा, राज्य में मुख्य रूप से पैरासिटामॉल, नरलोक्सिन, ओलक्सोसिन, प्रीडनी सोलन, डेग्जा और सभी तरह के विटामिन का कच्चा माल चीन से आता है। औसतन चीन से हर माह 100 करोड़ से ज्यादा का व्यापार होता है। ऐसा नहीं है कि, चीन के अलावा कच्चा माल कहीं और से नहीं मंगाया जा सकता। यूरोप व अमेरिका से कच्चा माल मंगवाया जा सकता है, लेकिन उसकी लागत चीन के मुकाबले दो से पांच गुना पड़ेगी।

पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी ने आईएएनएस से कहा, देश के दवा क्षेत्र में लगभग 68 प्रतिशत कच्चा माल चीन से आता है, कच्चा माल ना आने से पैरासिटामॉल दवा के दाम बढ़ ही गए है, कुछ दिनों बाद उपलब्धता में समस्या आएगी और कालाबाजारी भी बढ़ जाएगी। ऐसा नहीं है कि भारत में कच्चा माल नहीं बनता था, मगर हैदराबाद के सरकारी संयंत्र के घाटे में आने पर सरकार ने उसे बंद कर दिया।

दवा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि वे कच्चा माल का ज्यादा भंडारण नहीं करते, अब उनके पास जो कच्चा माल था वह खत्म होने की कगार पर है, दूसरी ओर चीन से माल नहीं आ रहा है। ऐसे में उनके कारोबार पर बड़ा असर पड़ना तय है। कई दवाओं का उत्पाद तो बंद होने के कगार पर है।

दवा कारोबारी हिमांशु शाह ने कोरोनावायरस के कारण कच्चा माल ना आने पर कारोबार पर असर पड़ने की बात स्वीकार करते हुए कहा, दवाइयों का उत्पादन 50 फीसदी कम हो गया है। जनवरी से ही कच्चे माल की समस्या शुरू हो गई। कोरोनावायरस के चलते फरवरी में अब तक कच्चा माल नहीं खरीदा। कच्चा माल कम है, जिसके चलते हमने अपना उत्पादन घटाकर आधा कर दिया है।