Middle East Tension: 'ईरान हमेशा के लिए परमाणु हथियारों से दूर रहेगा', तनवा के बीच अमेरिका का बड़ा दावा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत जारी है। इसी बीच ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बड़ा दावा किया है। अधिकारी का कहना है कि ईरान ने वादा किया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और न ही उसे हासिल करेगा। इसके बदले में ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों में राहत दी जा सकती है। हालांकि, यह राहत तभी मिलेगी जब ईरान तय नियमों का पालन करेगा और अंतरराष्ट्रीय जांच में पूरी तरह सहयोग करेगा। अधिकारी ने यह भी कहा कि इस प्रस्तावित समझौते को इजरायल और खाड़ी देशों का भी समर्थन मिल रहा है।
समझौते को सहयोगी देशों का समर्थन
अधिकारी ने कहा कि अमेरिका को भरोसा है कि उसके सहयोगी देश भी इस समझौते का समर्थन करेंगे। उनका कहना है कि इजरायल और खाड़ी देशों को भी इस प्रक्रिया की जानकारी है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि फ्यूचर में ईरान अपने वादों का पालन नहीं करता है, तो संबंधित देश अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा सकते हैं।
ईरान के अंदर भी दिख रही सहमति
अधिकारी के मुताबिक, ईरान के अलग-अलग शक्ति केंद्रों के बीच इस समझौते को लेकर काफी हद तक सहमति बनी हुई है। उनका कहना है कि ज्यादातर पक्ष इस समझौते को स्वीकार करने के पक्ष में हैं। हालांकि, कुछ मतभेद जरूर हैं, लेकिन वे बहुत बड़े नहीं हैं। अमेरिका का मानना है कि ईरान के भीतर इस मुद्दे पर सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
नियम पूरे करने पर ही मिलेगा फायदा
अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि समझौते को इस तरह तैयार किया गया है कि ईरान को तभी लाभ मिलेगा जब वह अपनी सभी जिम्मेदारियां पूरी करेगा। उन्होंने बताया कि ईरान ने परमाणु सामग्री खत्म करने और कुछ परमाणु केंद्र बंद करने का भी वादा किया है। हालांकि, तकनीकी मामलों पर अभी बातचीत जारी है। दोनों पक्षों ने 60 दिनों की तकनीकी चर्चा की अवधि तय की है। इस दौरान समझौते के सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम किया जाएगा।
Created On :   13 Jun 2026 3:03 PM IST








