मिडिल ईस्ट तनाव: 'भारतीय जहाजों पर ईरान ने ड्रोन हमला...' ओमान तट पर हुए भारतीय नाविकों के शिप पर हमले को लेकर ट्रंप ने दी प्रतिक्रिया

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। भारतीय नाविकों वाले तीन व्यापार जहाजों पर ओमान तट के पास अमेरिकी सैन्य ने हमला किया था। इसके लिए भारत के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया था। इस मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान जारी किया है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान के साथ होने वाले शांति समझौते पर प्रतिक्रिया जाहिर की है। ट्रंप का कहना है कि भारतीय नाविकों वाले जहाज पर अमेरिका ने नहीं, बल्कि ईरान ने हमला किया था।
यह भी पढ़े -ईरान के खिलाफ प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को बैगर नेतन्याहू को बताकर ट्रंप ने अचानक रोका, वैश्विक कूटनीति में आया नया मोड़
इन हमलों पर ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'सोशल ट्रुथ' पर कहा, "कल रात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ईरान ने ड्रोन हमला किया, जिसे अमेरिका ने पूरी तरह नाकाम कर दिया। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।" उन्होंने बताया कि तेहरान को अपनी हरकतों में सुधार लाना पड़ेगा। वहीं, भारत ने इन हमलों पर अमेरिकी राजनयिक को शुक्रवार (12 जून) को दूसरी बार भारत के विदेश मंत्रालय के अपर सचिव ने बातचीत के लिए बुलाया था। इस दौरान हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद करने का ऐलान
ईरान पर ट्रंप ने ये आरोप ऐसे समय पर लगाए हैं, जब तेहरान की जॉइंट मिलिट्री कमांड ने गुरुवार (11 जून) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से बंद करने का ऐलान किया था। ईरान ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि था कि अगर इस रास्ते से कोई भी तेल टैंकर या व्यापारिक जहाज समेत कोई पोत निकलने का प्रयास करता है तो उसे कड़े हमलों का सामना करना पड़ेगा।
यह भी पढ़े -क्या यूरोप में समझौते पर साइन होते ही थम जाएगी जंग, फाइनल समझौते की घोषणा से पहले भी ट्रंप कर चुके है ऐसे कई समझौते वाले ऐलान ?
फर्जी खबर लीक का आरोप
इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर समझौते की फर्जी खबर लीक करने का आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, "ईरान ने मीडिया को को समझौते की जो शर्तें लीक की हैं उनका उस लिखित समझौते से कोई लेना-देना नहीं है जिस पर दोनों पक्ष सहमत हुए थे। उन्होंने (ईरान ने) डील होने को लेकर जो घटिया बयान दिया है, वह सच से कोसों दूर है। इन लोगों के साथ कोई भी लेन-देन करना बहुत अपमानजनक है। इनके साथ ईमानदारी से बात करने जैसी कोई चीज ही नहीं है। यह सचमुच हैरान करने वाला है।"
Created On :   12 Jun 2026 9:17 PM IST









