अंडमान सागर में बड़ा हादसा: रोहिंग्या शरणार्थियों और बांग्लादेशी लोगों से भरी नाव पलटी, 250 से ज्यादा लापता, UNHCR ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहायता की अपील

डिजिटल डेस्क, श्री विजयपुरम। अंडमान सागर से एक बुरी खबर मिली है। रोहिंग्या शरणार्थियों और बांग्लादेशी नागरिकों से भरी एक नाव पटल गई है। इस घटना में करीब नौ लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 250 लापता बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह नाव मलेशिया जा रही थी, जिसमें अवैध रूप से कई लोग सवार थे। इस घटना को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (UNHCR) और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठन (IOM) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहायता के लिए फंडिंग जुटाने का आग्रह किया है।
बांग्लादेश कोस्ट गार्ड ने क्या कहा?
यूएनएचसीआर ने बताया, "दक्षिणी बांग्लादेश के टेक्नाफ से रवाना होकर मलेशिया जा रही यह नाव कथित तौर पर तेज हवाओं और अधिक भीड़ के कारण डूब गई।" बांग्लादेशी कोस्ट गार्ड ने जानकारी दी है कि बांग्लादेश का झंडे वाला जहाज MT मेघना प्राइड चटगांव से इंडोनेशिया पहुंच रहा था।
बेहतर सुविधाओं का लालच
यूएनएचसीआर ने आगे कहा कि गलत जानकारी और मानव तस्करी के जाल की वजह से कई लोग खतरनाक समुद्री यात्रा की सफर करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। उसने आगे बताया कि अक्सर विदेश में ज्यादा वेतन और बेहतर सुविधाओं का लालच देकर इस खतरनाक रास्ते से अन्य देश में ले जा रहे हैं। उसने आगे कहा कि अंडमान सागर के मार्ग में इस प्रकार की कई घटनाओं हो चुकी है।
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पीड़ित ने क्या कहा?
द डेली स्टार ने बताया कि बांग्लादेश के ध्वज वाले एक जहाज ने 9 अप्रैल को अंडमान द्वीप समूह के नजदीक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से 9 लोगों को बचाया था। रिपोर्ट में रोहिग्या समुदाय के एक पीड़ित रफीकुल इस्लाम ने कहा कि उन्हें नौकरी के जाल में फंसाकर टेक्नाफ में बंद कर लिया था। इसके बाद जबरन समंदर के किनारे मछली पकड़ने वाली नाव पर छोड़ दिया था। उसने आगे दावा करते हुए कहा था कि इस नाव में महिलाओं और बच्चों समेत करीब 280 लोग सवार थे। इनमें से कई लोगों को स्टोर रूम में कैद कर लिया था।
Created On :   14 April 2026 11:56 PM IST












