बांग्लादेश: ढाका में हादी के समर्थक में निकली रैली, भारतीयों के वर्क परमिट रद्द करने की उठी मांग

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश में जुलाई विद्रोह के नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर उनकी पार्टी ने ढाका में बड़ी रैली का आयोजन किया। रैली से बांग्लादेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। प्रदर्शनकारियों ने मार्च के दौरान कहा हादी के खून को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। हादी के समर्थकों ने यूनुस सरकार से बांग्लादेश में रहने वाले सभी भारतीयों के कार्य अनुमति (वर्क परमिट) रद्द करने की मांग की। खबरों से मिली जानकारी के अनुसार मार्च सुबह करीब 11:30 बजे से अन्याय के लिए ' शाहबाग से शुरू हुआ। बांग्लादेश में जारी बवाल से देश की आंतरिक राजनीति तो प्रभावित हुई है, इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। दोनों देशों के संबंधों में खटास पैदा हो गई है।
हादी हत्या केस में उनकी पार्टी ने एक दिवसीय रैली का आयोजन किया। ‘ढाका ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक रैली में इंकलाब मंच ने अंतरिम सरकार के सामने चार सूत्री मांगें रखीं। इनमें हादी के हत्यारों को पकड़ने के साथ जांच में तेजी लाने , साजिशकर्ताओं, सहयोगियों और उन्हें शरण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने ये भी कहा ऐसे लोगों के खिलाफ 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों से पहले मुकदमा चलाया जाए। रैली में हादी की पार्टी के कार्यकर्ता 10 पिकअप वैन में और पैदल चलकर साइंस लैब, मोहम्मदपुर, मीरपुर-10, उत्तरा, बसुंधरा, बड्डा, रामपुरा और जात्राबारी सहित कई प्रमुख चौराहों से होकर गुजरे और शाम को शाहबाग वापस लौट आए।
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आपको बता दें 32 वर्षीय युवा नेता हादी को एक चुनावी रैली के दौरान अज्ञात लोगों ने 12 दिसंबर सिर में गोली मार दी थी, सात दिनों के ईलाज के बाद 198 दिसंबर को सिंगापुर में उसकी मौत हो गई थी, वह 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों में भी उम्मीदवार था। हादी के नेतृत्व में जुलाई 2024 में छात्र आंदोलनों के भारी विरोध से तत्कालीन शेख हसीना का तख्तापलट हो गया था।
Created On :   6 Jan 2026 5:38 PM IST












