Minister Dies in Jail: बांग्लादेश की जेल में पूर्व हिंदू मंत्री की मौत, शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद हुए थे अरेस्ट, अवामी लीग पार्टी के इतने टॉप नेताओं की गई जान

बांग्लादेश की जेल में पूर्व हिंदू मंत्री की मौत, शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद हुए थे अरेस्ट, अवामी लीग पार्टी के इतने टॉप नेताओं की गई जान
बांग्लादेश की जेल में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग नेता और पूर्व मंत्री रमेश चंद्र सेन की मौत की खबर मिली है। बताया जा रहा है कि उनका दिनाजपुर जेल में निधन हुआ है।

डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश की जेल में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग नेता और पूर्व मंत्री रमेश चंद्र सेन की मौत की खबर मिली है। बताया जा रहा है कि उनका दिनाजपुर जेल में निधन हुआ है। इसकी पुष्टि अधिकारियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों से की है। वह पार्टी में देश के टॉप अल्पसंख्यक नेताओं में में गिने जाते थे। उन्हें शेख हसीना की सरकार में जल संसाधन मंत्री भी बनाया गया था।

पार्टी नेताओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल हुए खड़े

रमेश चंद्र सेन 5 बार सांसद चुने गए है। उन्होंने अपना आखिरी चुनाव साल 2024 में लड़ा था। देश का प्रमुख समाचार प्रथम आलो ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि रमेश चंद्र सेन की शनिवार की सुबह 9.10 बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें उपाचर के लिए अस्पातल में भर्ती कराया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जेल में पूर्व मंत्री की मौत होने की वजह से अवामी लीग के सीनियर नेताओं और पूर्व मंत्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए।

जेल प्रशासन ने क्या कहा?

जेल प्रशासन के सुपरिडेंटेंड के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि पूर्व मंत्री की अचानक शनिवार सुबह करीब 9 बजे अचानक तबियत खराब हो गई और वे बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। उन्हें तुत्काल दिनाजपुर मेडिकल कॉलेज अस्पातल में एडमिट कराया गया। इसके बाद उपचार के दौरान 9.30 बजे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। यह भी बताया जा रहा है कि 86 साल के पूर्व मंत्री कई बीमारियों से जूझ रहे थे। मामले की सूचना रखने वाले लोगों ने बताया कि उनकी जेल में बेहतर देखभाल नहीं हो रही थी।

इन आरोपों में सेन की हुई थी गिरफ्तारी

रमेश चंद्र सेन को अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद ही अरेस्ट कर लिया था। उन पर हत्या समेत तीन आरोप लगे थे। उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर अगस्त 2024 में सामने आई थी, जिसमें उनके हाथों में रस्सी बंधी हुई थी। हसीना की सरकार गिरने के बाद पार्टी नेता हमलों से बचने के लिए देश छोड़कर भाग रहे थे, लेकिन इसके बावजूद भी सेन ने अपना घर नहीं छोड़ा था। उन्हें पूरा भरोसा था कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया था।

उनकी मौत के बाद वहां के लोग सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट शेयर कर रहे हैं, जिसमें कुछ लोग उनकी हिरासत में हत्या करना बता रहे हैं। हिरासत के दौरान कम से कम पार्टी के टॉप 5 नेताओं की मौत हो चुकी है।

Created On :   8 Feb 2026 3:40 PM IST

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