Nepal Flood: नेपाल में प्रलयंकारी बाढ़ से 14 हाइड्रोपावर प्लांट तबाह, 431 मेगावाट बिजली क्षमता प्रभावित, 2035 का बड़ा लक्ष्य भी संकट में

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल में आई भयानक बाढ़ ने सिर्फ लोगों और घरों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि देश की बिजली व्यवस्था को भी बड़ा झटका दिया है। भोटेकोशी और त्रिशूली घाटी में ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक तेज पानी आया। इस बाढ़ की चपेट में कई हाइड्रोपावर परियोजनाएं आ गईं। कुछ प्रोजेक्ट बुरी तरह टूट गए, जबकि कुछ को भारी नुकसान हुआ है। इस घटना ने नेपाल के बिजली उत्पादन और भविष्य में बिजली बेचने की योजना को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। नेपाल लंबे समय से अपनी नदियों से बिजली बनाने और दूसरे देशों को बिजली बेचने की तैयारी कर रहा है। अब इस योजना के सामने बड़ी चुनौती आ गई है।
14 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान
नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के अनुसार, बाढ़ से कुल 14 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें छह ऐसी परियोजनाएं भी हैं, जिनका काम अभी पूरा नहीं हुआ था।
इन प्रोजेक्ट्स को नुकसान पहुंचने से करीब 431 मेगावाट बिजली बनाने की क्षमता प्रभावित हुई है। यह नेपाल की कुल बिजली उत्पादन क्षमता के 12 प्रतिशत से ज्यादा है। इससे साफ है कि बाढ़ का असर केवल कुछ बिजलीघरों तक सीमित नहीं है। इससे नेपाल की पूरी ऊर्जा व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
जलवायु बदलाव और भारत पर निर्भरता बनी चुनौती
नेपाल के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह है कि हिमालयी इलाकों में मौसम से जुड़ी घटनाएं बढ़ रही हैं। तेज बारिश, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं बिजली परियोजनाओं के लिए खतरा बन रही हैं। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशियन स्टडीज के रिसर्च फेलो पुष्प शर्मा का कहना है कि नेपाल एक साथ दो मुश्किलों से जूझ रहा है।
पहली चुनौती प्राकृतिक आपदाओं का बढ़ता खतरा है। दूसरी ओर, बिजली बेचने और बड़ी परियोजनाएं आगे बढ़ाने के लिए नेपाल काफी हद तक भारत पर निर्भर है। नेपाल में पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली को बेचने के लिए भारत सबसे बड़ा और आसान बाजार है। दूसरे देशों तक बिजली पहुंचाने में भी भारत का पावर ग्रिड अहम भूमिका निभाता है। यही वजह है कि नेपाल में बिजली परियोजनाओं का विकास सिर्फ बिजली बनाने तक सीमित नहीं है। इसमें पैसा, सड़क और दूसरी सुविधाएं, बिजली की लाइनें और भारत-चीन के बीच संबंध जैसे कई मुद्दे जुड़े हैं।
Created On :   30 Aug 2026 10:46 AM IST











