Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ की तबाही से 675 मौतें, 2,400 से ज्यादा लापता, फिर बारिश-आंधी का अलर्ट

नेपाल में बाढ़ की तबाही से 675 मौतें, 2,400 से ज्यादा लापता, फिर बारिश-आंधी का अलर्ट
नेपाल में बाढ़ से अब तक 675 लोगों की मौत हुई है और 2,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। भारत ने 68.5 टन राहत सामग्री भेजी और भारतीय नागरिकों को बचाया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नेपाल में आई भयानक बाढ़ ने हालात और खराब कर दिए हैं। मध्य नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है। 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर बारिश और गरज के साथ तेज आंधी की चेतावनी दी है। बाढ़ को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले से परेशान लोगों की चिंता और बढ़ गई है। शनिवार को आठ प्रभावित जिलों में बचाव और तलाश का काम जारी रहा। टीमें मलबे में फंसे लोगों और लापता लोगों को खोजने में लगी हैं। करीब 2,500 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

आठ जिलों में जारी है लोगों की तलाश

बाढ़ से प्रभावित आठ जिलों में अब तक 675 शव मिल चुके हैं। राहत और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण की अगुवाई में लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया जा रहा है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ, पत्थर और मलबा तेजी से नीचे आया। इसके साथ पानी और कीचड़ भी कई इलाकों में पहुंच गया। तेज बहाव ने गांवों और शहरों को भारी नुकसान पहुंचाया। कई जरूरी ढांचे टूट गए और जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित हुईं।

अब तक करीब 2,500 लोगों को बचाया गया है। इनमें 163 विदेशी नागरिक भी हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण राहत का काम आसान नहीं है।

नेपाल में 108 भारतीय सुरक्षित, 275 अब भी लापता

भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 29 अगस्त 2026 की रात 10:30 बजे तक नेपाल में 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है। 50 भारतीय नागरिकों से फिर संपर्क हो गया है। वहीं, 275 भारतीय नागरिक अभी भी लापता बताए गए हैं। इसके अलावा 128 भारतीय मूल के लोग भी लापता हैं।

चीन से 598 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। करीब 900 भारतीय नागरिक अभी चीन से रवाना नहीं हुए हैं। ये सभी सुरक्षित बताए गए हैं। बीजिंग में भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर उनसे संपर्क में है।

भारत ने भेजी राहत की चौथी खेप

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत से 11 टन राहत सामग्री लेकर चौथी उड़ान नेपाल के लिए रवाना हुई है। 230 फीट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए 16 ट्रक सामान नेपाल पहुंच चुके हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज बनाने के लिए जरूरी सामान भी भेजा जाएगा। इन्हें लगाने के लिए तकनीकी टीमें भी नेपाल जाएंगी। भारत अब तक नेपाल को 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है। इसमें दवाएं, पोर्टेबल जनरेटर, खाने के पैकेट, पानी साफ करने वाली गोलियां और तकनीकी सामान शामिल हैं।

इस बीच बाढ़ में फंसे भारतीय पर्यटकों का एक दल महाराष्ट्र के नागपुर वापस पहुंच गया। एक पर्यटक के मुताबिक, बाढ़ उनके ठिकाने से करीब 50 किलोमीटर दूर आई थी और वे काठमांडू में फंस गए थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।

Created On :   30 Aug 2026 9:42 AM IST

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