रूस का बड़ा आरोप: यूक्रेन एजेंसियों ने Telegram का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया, संस्थापक के खिलाफ इंटरनेशनल अरेस्ट वारंट जारी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस ने मैसेजिंग ऐप Telegram को लेकर बड़ा दावा किया है। रूसी सुरक्षा एजेंसी एफएसबी (FSB) का आरोप है कि यूक्रेन की खुफिया एजेंसियों और उनसे जुड़े समूहों ने Telegram का इस्तेमाल रूस के भीतर आतंकी और तोड़फोड़ की गतिविधियों की योजना बनाने तथा लोगों की भर्ती करने के लिए किया। इस मामले में रूस ने Telegram के संस्थापक पावेल डुरोव पर भी आतंकवाद को बढ़ावा देने में मदद करने का आरोप लगाया है।
रूस की टॉप सुरक्षा एजेंसी फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) ने बुधवार को टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए इंटरनेशनल वारंट जारी किया है। बता दें कि, रूस में जन्मे पावेल डुरोव के पास अब संयुक्त अरब अमीरात और फ्रांस का पासपोर्ट है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने साल 2014 में रूसी अधिकारियों के दबाव के कारण अपने सोशल प्लेटफॉर्म VKontakte की हिस्सेदारी बेच दी थी।
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क्या है पूरा मामला
रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (एफएसबी) के अनुसार, Telegram पर मौजूद कुछ चैनलों और चैटबॉट का इस्तेमाल यूक्रेन की एजेंसियों ने रूस के युवाओं से संपर्क करने के लिए किया। एजेंसी का दावा है कि फर्जी पहचान बनाकर युवाओं को बहलाया गया और उन्हें तोड़फोड़ तथा हमलों जैसी गतिविधियों के लिए उकसाया गया। एफएसबी का कहना है कि पिछले एक वर्ष में ऐसे मामलों में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
रूस का आरोप है कि Telegram ने ऐसे कंटेंट और नेटवर्क के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने इस संबंध में जानकारी दी थी। इसी आधार पर रूसी अधिकारियों ने Telegram के संस्थापक पावेल दुरोव पर आतंकवाद में मदद करने का मामला दर्ज किया है और उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
डुरोव या टेलीग्राम की नहीं आई प्रतिक्रिया
हालांकि, डुरोव या टेलीग्राम की ओर से इस मुद्दे पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बता दें कि, Telegram और पावेल डुरोव पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करते रहे हैं। डुरोव का कहना रहा है कि कंपनी कानून के दायरे में रहकर काम करती है और यूजर्स की निजता तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करना उसका सिद्धांत है। उनका यह भी कहना है कि प्लेटफॉर्म पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
रूस और यूक्रेन के बीच मैसेज का माध्यम है टेलीग्राम
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लगातार जारी है। दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष के साथ-साथ साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन प्रचार और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर भी तनाव बढ़ता जा रहा है। Telegram इस युद्ध के दौरान दोनों पक्षों के लिए जानकारी शेयर करने का मुख्य माध्यम बना हुआ है।
Created On :   29 July 2026 7:17 PM IST










