ईरान जंग से बचे ट्रंप: अमेरिका में धर्म को लेकर लड़ाई, अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्रिश्चयन समुदाय पर क्या कहा?

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका का निर्माण मजहब से हुआ है। इस वजह से उन्हें इस पर गर्व है। ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका एक 'क्रिश्चयन नेशन' की बुनियाद पर टिका हुआ है। इसी से यह बना है। ट्रंप पिछले साल कहा था कि वो देश से ईसाइयत के सिद्धाओं को मिटाने वाली कोशिशों को किसी भी हाल में सफल नहीं होने देंगे।
क्रिश्चयन धर्म पर क्या कहा?
एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश धर्म के आधार पर बना है। इस बात का उन्हें बहुत गर्व है। उन्होंने धर्म को एक अच्छी चीज बताई है। इसके साथ ही ट्रंप ने ईसाई धर्म को उनके देश के बेहतरीन बताया है। वो लगातार अपनी पहचान क्रिश्चयन बताते आ रहे हैं और यह भी कह रहे हैं कि अमेरिकी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक की जड़े ईसाइयत से जुड़ी है। इससे वह क्रिश्चयन मतदाताओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी राजनीति अमेरिकन मूल्यों की रक्षा करती है।
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अमेरिका में इन मुद्दों पर लड़ाई
अमेरिका में गर्भपात, LGBT नीतियों, स्कूलों में प्रार्थना और सार्वजनिक जीवन में धर्म जैसे कई मुद्दों और लिबरल खेमों में लड़ाई चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान इसी 'सांस्कृतिक वॉर' का हिस्सा बताया जा रहा है, जहां पर वे खुद को क्रिश्चयन कंजरवेटिव के सबसे बड़े नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।
ईरान जंग पर ट्रंप ने क्या कहा?
इसी दौरान ट्रंप ने ईरान जंग का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान के साथ टकराव का बचाव करते हुए टिप्पणी की है कि विरोधियों की आलोचनाओं के बावजूद अभी तक उनकी सैन्य कार्रवाई बहुत लोकप्रिय रही है। उन्होंने आगे कहा, "चाहे यह लोकप्रिय हो या न हो, मुझे यह करना ही होगा, क्योंकि मैं अपनी निगरानी में दुनिया को तबाह नहीं होने दूंगा। ऐसा हरगिज नहीं होगा।"
Created On :   20 May 2026 12:18 AM IST













