शादी में बढ़ते टकराव और ससुराल से जुड़े विवादों के बीच कपल्स की कैसे मदद कर रही है PsychiCare की ऑनलाइन काउंसलिंग?

नई दिल्ली: भारतीय विवाह में रिश्ता केवल दो लोगों के बीच नहीं बनता। उसके साथ दो परिवार, उनकी अपेक्षाएं, जिम्मेदारियां और वर्षों से चली आ रही मान्यताएं भी जुड़ जाती हैं। यही पारिवारिक जुड़ाव मुश्किल समय में सहारा देता है। लेकिन जब पति-पत्नी और परिवार के बीच सीमाएं स्पष्ट नहीं होतीं, तो छोटी असहमति भी लगातार होने वाले झगड़ों में बदल सकती है।
किसके माता-पिता के साथ रहना है, घर के निर्णयों में परिवार की कितनी भूमिका होगी, आर्थिक सहायता किस सीमा तक दी जाएगी और त्योहार कहां मनाए जाएंगे, जैसे प्रश्न कई भारतीय विवाहों को प्रभावित करते हैं। परेशानी तब बढ़ती है जब एक साथी को लगता है कि उसकी बात का कोई महत्व नहीं है, जबकि दूसरा स्वयं को जीवनसाथी और माता-पिता के बीच फंसा हुआ पाता है।
इसी भारतीय पारिवारिक स्थिति को समझते हुए PsychiCare ससुराल, पारिवारिक हस्तक्षेप और वैवाहिक सीमाओं से जुड़े मामलों में ऑनलाइन सहायता उपलब्ध करा रही है। प्लेटफॉर्म की ऑनलाइन मैरिज काउंसलिंग के माध्यम से पति-पत्नी उन परिस्थितियों पर अनुभवी psychologists और marriage therapists के साथ काम कर सकते हैं जो उनके रिश्ते में बार-बार तनाव पैदा कर रही हैं।
परिवार के विरुद्ध नहीं, विवाह में संतुलन के पक्ष में
ससुराल से जुड़े विवादों को अक्सर “पति बनाम पत्नी” या “जीवनसाथी बनाम माता-पिता” के रूप में देखा जाता है। PsychiCare की counselling किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराने के बजाय पूरे रिश्ते और पारिवारिक व्यवस्था को समझने पर केंद्रित रहती है।
कई मामलों में समस्या खुले विरोध से नहीं, बल्कि अनकही अपेक्षाओं से शुरू होती है। किसी साथी से हर परिस्थिति में समझौता करने की उम्मीद की जा सकती है। किसी पर अपने माता-पिता की आर्थिक जिम्मेदारी उठाने का दबाव हो सकता है। निजी निर्णयों में बार-बार हस्तक्षेप मिलने से दूसरे साथी को अपने ही विवाह में महत्व कम होता हुआ महसूस हो सकता है।
ऑनलाइन counselling में दोनों साथियों को अपनी बात रखने की जगह मिलती है। इसका उद्देश्य यह तय करना नहीं होता कि परिवार में कौन सही है और कौन गलत। Marriage therapist उन व्यवहारों और घटनाओं को समझने में सहायता करता है जिनके कारण एक ही विवाद अलग-अलग अवसरों पर दोहराया जाता है।
Counselling के दौरान यह देखा जाता है कि बातचीत किस बिंदु पर बहस में बदलती है, कौन-सी पारिवारिक अपेक्षाएं विवाह पर दबाव डाल रही हैं और किन विषयों पर दोनों साथियों की स्पष्ट सहमति जरूरी है। इनमें निजी समय, आर्थिक निर्णय, रहने की व्यवस्था, बच्चों की परवरिश और परिवार के साथ साझा की जाने वाली निजी जानकारी शामिल हो सकती है।
PsychiCare का उद्देश्य परिवार से दूरी बनवाना या संबंध तोड़ना नहीं है। जोर ऐसी सीमाएं तय करने पर रहता है जिनसे माता-पिता का सम्मान बना रहे और पति-पत्नी अपने विवाह से जुड़े जरूरी फैसले मिलकर ले सकें।
अनुभवी संस्थापक और योग्य मनोवैज्ञानिकों का समूह
PsychiCare की स्थापना वर्ष 2021 में Aakanksha Kapoor ने की थी। वह M.Phil-qualified और RCI-registered child psychologist हैं तथा उनके पास एक दशक से अधिक का पेशेवर अनुभव है।
Aakanksha Kapoor के नेतृत्व में PsychiCare को ऐसे ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है जहां मनोवैज्ञानिकों की योग्यता, अनुभव, भाषा और विशेषज्ञता को प्राथमिकता दी जाती है। उद्देश्य केवल उपलब्ध therapist से मुलाकात तय करना नहीं, बल्कि व्यक्ति या परिवार की समस्या के अनुसार उचित अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ तक पहुंच बनाना है।
PsychiCare के समूह में clinical psychologists, counselling psychologists, child psychologists, psychiatrists और marriage therapists शामिल हैं। इनमें RCI-registered practitioners के साथ PhD और M.Phil-qualified psychologists भी मौजूद हैं। इनके अनुभव का दायरा सात वर्ष से लेकर दो दशक से अधिक तक है।
प्लेटफॉर्म पर प्रत्येक मनोवैज्ञानिक या therapist की योग्यता, अनुभव, भाषाएं और कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से दिखाए जाते हैं। इससे कोई व्यक्ति counselling शुरू करने से पहले यह जान सकता है कि चुने गए विशेषज्ञ को विवाह, परिवार या उसकी विशेष समस्या पर काम करने का अनुभव है या नहीं।
PsychiCare की तकनीकी और विपणन व्यवस्था का नेतृत्व Ankur Suryawanshi, Tech & Marketing Head, करते हैं। उनकी भूमिका प्लेटफॉर्म की डिजिटल पहुंच और ऑनलाइन संचालन को संभालने से जुड़ी है। मनोवैज्ञानिक नेतृत्व और तकनीकी व्यवस्था का यह मेल PsychiCare को भारत के साथ विदेशों में रहने वाले भारतीय परिवारों तक पहुंचने में सहायता देता है।
PsychiCare के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर अब तक दो लाख से अधिक counselling sessions पूरे किए जा चुके हैं और इसे 1,000 से अधिक सकारात्मक client reviews मिले हैं। ये आंकड़े वर्ष 2021 से ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे प्लेटफॉर्म के अनुभव और पहुंच को दर्शाते हैं।
भारतीय पारिवारिक परिस्थितियों को समझती counselling
ससुराल से जुड़े विवाद केवल बातचीत की कमी के कारण नहीं होते। उनके पीछे परिवार के प्रति जिम्मेदारी, अपराधबोध, आर्थिक निर्भरता, घर के भीतर निर्णय लेने का अधिकार और सामाजिक अपेक्षाएं एक साथ काम कर सकती हैं। इसलिए हर विवाह के लिए एक जैसा समाधान उपयोगी नहीं होता।
PsychiCare के psychologists और marriage therapists पति-पत्नी के बीच बार-बार होने वाले विवाद, भावनात्मक दूरी और पारिवारिक संबंधों को समझने के लिए प्रमाण-आधारित मनोवैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करते हैं।
समस्या और therapist की विशेषज्ञता के अनुसार Emotionally Focused Therapy, Gottman Method, Cognitive Behavioural Therapy और Family Therapy जैसे तरीके अपनाए जा सकते हैं। इनका उपयोग तैयार सलाह देने के बजाय उस विशेष रिश्ते में तनाव पैदा करने वाले कारणों को समझने के लिए किया जाता है।
Counselling के दौरान पति-पत्नी बिना आरोप लगाए अपनी बात रखना, कठिन विषयों पर शांत तरीके से चर्चा करना और पारिवारिक दबाव के बीच एक-दूसरे का साथ देना सीख सकते हैं।
परिवार के अन्य सदस्यों को counselling में शामिल करना भी अपने आप लिया जाने वाला निर्णय नहीं होता। इससे पहले दोनों साथियों की सहमति, उनकी भावनात्मक सुरक्षा और परिवार के भीतर शक्ति के संतुलन को समझना जरूरी होता है।
PsychiCare हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, तमिल, तेलुगु और मलयालम सहित कई भाषाओं में counselling उपलब्ध कराती है। उपलब्ध भाषा चुने गए psychologist पर निर्भर करती है। पारिवारिक संबंधों से जुड़े संवेदनशील विषयों पर अपनी सहज भाषा में बात कर पाना व्यक्ति को अपनी स्थिति अधिक स्पष्टता से समझाने में सहायता देता है।
घर के तनाव का बच्चों पर प्रभाव
वैवाहिक विवाद का प्रभाव केवल पति-पत्नी तक सीमित नहीं रहता। घर में लगातार बहस, लंबे समय तक बातचीत बंद रहना या परिवार के सदस्यों के बीच तनाव बच्चों की भावनात्मक सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकता है।
बच्चा हर बात को पूरी तरह नहीं समझ पाता, लेकिन घर के माहौल में आया बदलाव महसूस कर सकता है। इसका असर उसकी नींद, पढ़ाई, व्यवहार, आत्मविश्वास और परिवार के सदस्यों से संबंध पर दिखाई दे सकता है।
कुछ बच्चे अधिक चुप रहने लगते हैं। कुछ में गुस्सा, डर, स्कूल जाने से इनकार या ध्यान लगाने में परेशानी दिखाई दे सकती है। ऐसी स्थिति में बच्चे को माता-पिता के विवाद का पक्षकार बनाने के बजाय उसकी जरूरतों को अलग से समझना महत्वपूर्ण होता है।
PsychiCare की ऑनलाइन चाइल्ड काउंसलिंग बच्चों, किशोरों और माता-पिता को योग्य child psychologists से जोड़ती है। बच्चे की परेशानी को केवल उसके व्यवहार तक सीमित रखने के बजाय उसकी उम्र, विकास, पारिवारिक माहौल और रोजमर्रा की गतिविधियों को भी ध्यान में रखा जाता है।
Marriage counselling और child counselling के लिए अलग विशेषज्ञता उपलब्ध होने से पूरे परिवार की जरूरतों को एक सामान्य counselling मामले के रूप में नहीं देखा जाता। पति-पत्नी और बच्चे को उनकी स्थिति के अनुसार अलग मनोवैज्ञानिक सहायता मिल सकती है।
अलग शहरों में रहकर भी साथ counselling लेना संभव
नौकरी और दूसरी जिम्मेदारियों के कारण कई भारतीय पति-पत्नी अलग-अलग शहरों में रहते हैं। विदेश में रहने वाले भारतीय दम्पतियों पर भी भारत में मौजूद परिवार की अपेक्षाएं और आर्थिक जिम्मेदारियां प्रभाव डाल सकती हैं।
PsychiCare का ऑनलाइन माध्यम दोनों साथियों को अलग-अलग स्थानों से एक counselling session में जुड़ने की सुविधा देता है। मुलाकात वीडियो, ऑडियो या चैट के माध्यम से की जा सकती है। इसके लिए किसी clinic तक जाने या अपने शहर में उपयुक्त marriage therapist मिलने की प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं होती।
PsychiCare के अनुसार, counselling sessions निजी और गोपनीय होते हैं तथा उन्हें रिकॉर्ड नहीं किया जाता। व्यक्ति उपलब्ध विशेषज्ञों में से psychologist या therapist चुन सकता है। आवश्यकता पड़ने पर दूसरे विशेषज्ञ से जुड़ने का अनुरोध भी किया जा सकता है।
ससुराल और परिवार से जुड़े मतभेद भारतीय विवाहों का संवेदनशील हिस्सा हैं। इनका समाधान हमेशा दूरी बनाने या किसी एक पक्ष को गलत ठहराने में नहीं होता। कई बार ऐसी पेशेवर और निष्पक्ष जगह की जरूरत होती है जहां दोनों साथी पारिवारिक दबाव के बिना अपनी बात रख सकें।
PsychiCare अपने अनुभवी मनोवैज्ञानिक समूह, स्पष्ट योग्यताओं, अनेक भारतीय भाषाओं और गोपनीय ऑनलाइन counselling के माध्यम से ऐसी सहायता उपलब्ध करा रही है। इसका उद्देश्य परिवारों के बीच दूरी बनाना नहीं, बल्कि पति-पत्नी को ऐसी सीमाएं बनाने में सहायता देना है जिनमें परिवार का सम्मान भी बना रहे और विवाह में दोनों साथियों की आवाज भी समान रूप से सुनी जाए।
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