नीट यूजी काउंसलिंग 2026: केंद्र सरकार की समीक्षा बैठक, छात्रों को पहली बार मिलेगी ये सुविधाएं, बार-बार कॉलेज जाने का झंझट खत्म

केंद्र सरकार की समीक्षा बैठक, छात्रों को पहली बार मिलेगी ये सुविधाएं, बार-बार कॉलेज जाने का झंझट खत्म
केंद्र सरकार ने नीट यूजी काउंसलिंग 2026 में बड़े बदलाव किए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के नेतृत्व में समीक्षा बैठक की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नीट यूजी काउंसलिंग 2026 में बड़े बदलाव किए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के नेतृत्व में समीक्षा बैठक की। इस दौरान नीट यूजी में प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी, मेरिट आधारित, तकनीक-संचालित और छात्र राहत देने वाले तरीकों पार बातचीत हुई। इस मीटिंग में मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC), स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारी मौजूद थे।

इन पहलुओं पर चर्चा

इस समीक्षा बैठक में काउंसलिंग शेड्यूल, आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सुरक्षा, शिकायत निवारण व्यवस्था और स्टूडेंट्स की सुविधाओं से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान जेपी नड्डा ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि काउंसलिंग पोर्टल पूरी प्रक्रिया के समय सुचारु रूप से कार्य करे। साथ कहा कि उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करे। उन्होंने ये भी कहा कि अभ्यर्थियों की हर संभव सहायता के लिए सक्रिय और प्रभावी व्यवस्था बनाने के लिए भी आदेश जारी किए हैं।

नीट यूजी काउंसलिंग में सुधार

इस साल की नीट यूजी काउंसलिंग में सरकार ने कई अहम सुधार किए हैं। इसमें सबसे बड़ा बदलाव 'वन-टाइम फिजिकल रिपोर्टिंग' व्यवस्था बनाई है। इस व्यवस्था की वजह से अब छात्रों को बार-बार संस्थान नहीं जाना पड़ेगा। सीट घोषित होने के बाद विद्यार्थी ऑनलाइन 'फ्रीज' या 'फ्लोट' विकल्प का चुनाव कर सकते हैं। फ्लोट ऑप्शन को चुनने वाले उम्मीदवारों को अपग्रेडेशन के समय दस्तावेज सत्यापन करने वाले प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन हो जाएगी। वहीं, अंतिम चरण वाले छात्रों को सिर्फ एक बार संस्थान जाकर औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ेगी। इस कारण से समय, यात्रा और खर्च का पैसा बचेगा।

ये सुविधाएं की शुरू

इनके अलावा सराकर ने इस साल ऑनलाइन इस्तीफा (रेजिग्नेशन) की सुविधा भी चालू की है। पात्र स्टूडेंट्स तय नियमों के मुताबिक एमसीसी पोर्टल के जरिए अपनी सीट छोड़ सकेंगे। साथ ही दस्तावेज सत्यापन, सीट मैट्रिक्स का प्रमाणीकरण और एनआरआई श्रेणी के लिए भी पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है। इस वजह से पारदर्शिता और दक्षता में वृद्धि होगी। दिव्यांग (PwBD) अभ्यर्थियों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। इस बार मूल्यांकन केंद्रों की संख्या 61 कर दी गई है, जो पहले 16 थी। इसके साथ ही 'एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट' की नई व्यवस्था की गई हैं और अपीलीय दिव्यांग मूल्यांकन बोर्ड का प्रावधान किया गया है। इनके अलावा 24 घंटे टोल-फ्री हेल्पलाइन की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि छात्रों की हर संभव मदद की जा सके।

Created On :   31 July 2026 1:16 AM IST

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