Railway News: रेलवे ने बदली शिकायत की व्यवस्था, अब जिम्मेदार मंडल को ही मिलेगी शिकायत

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। ट्रेन में पानी नहीं मिलने, चादर-कंबल न पहुंचने या सफाई से जुड़ी समस्या होने पर यात्री 'रेलमदद ऐप' के जरिए शिकायत करते हैं। कई बार शिकायत सही विभाग या मंडल तक नहीं पहुंच पाती। इससे समस्या के समाधान में देरी होती है और यात्री को परेशानी उठानी पड़ती है।
अब रेलवे इस व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। नई व्यवस्था में शिकायत को उसी विभाग और मंडल तक पहुंचाने की कोशिश होगी, जो वास्तव में उस समस्या के लिए जिम्मेदार है। इससे शिकायत का निपटारा जल्दी हो सकेगा।
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CRIS में किए जाएंगे तकनीकी बदलाव
रेलमदद की शिकायत व्यवस्था की समीक्षा के बाद रेलवे बोर्ड ने सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) को सिस्टम में जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।
नई व्यवस्था का उद्देश्य शिकायत को सही कैटेगरी में दर्ज करना और उसे संबंधित विभाग तक पहुंचाना है। पानी, सफाई, लिनेन और वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों के खाने के बाद बचा भोजन जैसी शिकायतों के लिए भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
शिकायत की कैटेगरी आसानी से नहीं बदलेगी
अगर किसी यात्री ने रेलमदद पर ‘वाटर अवेलेबिलिटी’ की शिकायत दर्ज की है, तो उसे बिना उचित वजह ‘कोच मेंटेनेंस’ जैसी दूसरी कैटेगरी में नहीं बदला जा सकेगा।
रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे को निर्देश दिए हैं कि शिकायत की मूल कैटेगरी को बनाए रखा जाए। इससे शिकायत को सही विभाग तक पहुंचाने में होने वाली देरी कम होगी।
जिन ट्रेनों में ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ (OBHS) नहीं है, उनमें भी शिकायतों के समाधान के लिए अलग व्यवस्था तैयार की जाएगी।
जिम्मेदार मंडल तक पहुंचेगी शिकायत
फिलहाल कई मामलों में ऐसा होता है कि जिस मंडल में यात्री की शिकायत का समाधान किया जाता है, शिकायत उसी मंडल को ट्रांसफर कर दी जाती है। जबकि समस्या के लिए जिम्मेदार मंडल कोई दूसरा होता है।
नई तकनीकी व्यवस्था में शिकायत को वास्तविक रूप से जिम्मेदार मंडल तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
एक PNR से बार-बार एक जैसी शिकायतों पर भी नजर
CRIS ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है, जिससे एक ही PNR या मोबाइल डिवाइस से कम समय में एक जैसी कई शिकायतें दर्ज होने की स्थिति पर भी नजर रखी जा सके।
इसके अलावा वंदे भारत ट्रेनों के सीटिंग एरिया में यात्रियों के खाना खाने के बाद बचा भोजन पड़े रहने की शिकायतों को भी सही एजेंसी तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
कई बार ऐसी शिकायतें IRCTC के बजाय जोनल रेलवे के पास पहुंच जाती हैं, जबकि इस मामले में कार्रवाई IRCTC स्तर पर होनी चाहिए। नई व्यवस्था का उद्देश्य ऐसी शिकायतों को भी सही जिम्मेदार एजेंसी तक पहुंचाना है।
Created On :   13 Sept 2026 12:22 AM IST













