BRICS Summit 2026: ब्रिक्स घोषणा पर महबूबा मुफ्ती की आपत्ति, गाजा और ईरान का जिक्र क्यों नहीं?

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। भारत में BRICS शिखर सम्मेलन के 18वें सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली में हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली घोषणा को सभी सदस्य देशों से अपनाने का प्रस्ताव रखा, जिसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले का जिक्र किया गया था। इस आतंकी हमले की सभी सदस्य देशों ने निंदा की है। इस मामले में अब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक बयान जारी किया है।
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गाजा और ईरान युद्ध पर क्या दी प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "पहलगाम आतंकी हमले की BRICS द्वारा की गई निंदा का स्वागत है, लेकिन BRICS के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर भारत को हिम्मत और सच्ची लीडरशिप दिखानी चाहिए थी और एक ऐसा प्रस्ताव लाना चाहिए था, जिसमें गाजा में इजराइल द्वारा किए जा रहे नरसंहार और ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले की भी साफ तौर पर निंदा की जाती।"
महबूबा मुफ्ती ने कहा, "इस हमले में न सिर्फ ईरान के कई राजनीतिक नेता मारे गए, बल्कि सैकड़ों स्कूली बच्चे भी मारे गए। आतंकवाद की निंदा चुनिंदा तरीके से नहीं की जा सकती। आम नागरिकों के खून की कोई राष्ट्रीयता नहीं होती और अंतरराष्ट्रीय न्याय में दोहरे मापदंड नहीं हो सकते।"
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आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
इस घोषणा में आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही गई है। इसमें कहीं भी और किसी के भी द्वारा किए गए आतंकवादी कृत्यों को आपराधिक और अनुचित बताया गया है। ऐसे कृत्यों की कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
घोषणा में पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। घोषणा पत्र में आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने की प्रतिबद्धता को दोहराया गया है।
Created On :   12 Sept 2026 8:27 PM IST












