72 वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की छांव में सिनेमा का महाकुंभ, अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के, ममूटी-कार्तिक आर्यन सर्वश्रेष्ठ अभिनेता

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की छांव में सिनेमा का महाकुंभ, अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के, ममूटी-कार्तिक आर्यन सर्वश्रेष्ठ अभिनेता
एकता नगर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रदान किए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, ‘आर्टिकल 370’ सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म; यामी गौतम सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, रणदीप हुड्डा की निर्देशन पारी भी पुरस्कृत

भास्कर ब्यूरो, एकता नगर/भोपाल। वंदे मातरम् की गूंज और राष्ट्रगान से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की भव्य पृष्ठभूमि और सामने भारतीय सिनेमा की कई पीढ़ियों के सितारे... मंगलवार को गुजरात के एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह ने भारतीय सिनेमा की विविधता को एक मंच पर ला दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वर्ष 2024 में प्रमाणित फिल्मों के लिए घोषित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान किए। समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब पांच दशक से अधिक लंबे सिनेमाई सफर के लिए दिग्गज कन्नड़ अभिनेता अनंत नाग को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया और उनके मंच पर पहुंचते ही पूरा सभागार सम्मान में खड़ा हो गया। अभिनय में ममूटी और कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, जबकि यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म चुना गया।

समारोह की शुरुआत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर एकता नगर में आयोजित किया गया। सरकार ने आगे भी पुरस्कार समारोह को देश के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाने की योजना बताई है।

अश्विनी वैष्णव बोले- फिल्म और पर्यटन को साथ जोड़ना है

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को दिल्ली से बाहर ले जाने का उद्देश्य देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को फिल्म जगत से जोड़ना है। एकता नगर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी मौजूद है, इसलिए इस बार यहां समारोह आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दूसरे राज्यों के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया जा सकता है। वैष्णव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपने प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया। उनका कहना था कि जब देशभर के कलाकार और फिल्म जगत से जुड़े लोग इन स्थानों पर पहुंचेंगे तो उस जगह की भी पहचान बढ़ेगी। उन्होंने इस पहल को फिल्म और पर्यटन को साथ आगे बढ़ाने का प्रयास बताया। सरकार ने इसे राष्ट्रीय राजधानी से आगे पुरस्कार समारोह को ले जाने की पहल के रूप में घोषित किया है।

अनंत नाग को सम्मान, पूरा हॉल हुआ खड़ा

भारतीय सिनेमा में पांच दशक से अधिक के योगदान के लिए अनंत नाग को वर्ष 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान दिया। अनंत नाग जैसे ही पुरस्कार लेने मंच पर पहुंचे, पूरा हॉल उनके सम्मान में खड़ा हो गया और देर तक तालियां बजती रहीं।अनंत नाग कन्नड़ सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में रहे हैं और उनकी फिल्मी यात्रा पांच दशक से अधिक लंबी है। सरकार ने उन्हें कन्नड़ और भारतीय सिनेमा में उनके विविध और दीर्घकालीन योगदान के लिए यह सम्मान दिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अनंत नाग ने कहा, बचपन से ही कला के प्रति मेरा आकर्षण रहा है। मैं गदगद हूं कि यह सम्मान मुझे मिला। मैंने मंच पर भी कहा कि सालों से कला के प्रति आपका जुनून और प्रेम आपको संतुष्टि देता है, लेकिन जब ऐसा सम्मान मिलता है तो लगता है कि आपकी मेहनत सार्थक हुई। कला के प्रति आपका प्रेम तो दिखता ही है, लेकिन जब आपको ऐसा सम्मान मिलता है तो लगता है कि देश भी आपको प्यार करता है। उन्होंने अपने सम्मान को उन तमाम लोगों को समर्पित किया, जो उनके लंबे सफर का हिस्सा रहे हैं।

ममूटी और कार्तिक आर्यन संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता

मलयालम फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए ममूटी और हिंदी फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। ममूटी के लिए यह सम्मान उनके लंबे राष्ट्रीय पुरस्कार सफर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय है, जबकि कार्तिक आर्यन का यह पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है।

ममूटी जब सम्मान लेने मंच पर पहुंचे तो उनके सम्मान में भी सभागार खड़ा हो गया। रेड कारपेट पर ममूटी ने कहा, ‘मैं पहले स्क्रिप्ट चुनता हूं, फिर रोल। इसलिए मुझ पर ज्यादा दबाव नहीं होता।’

यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री

‘आर्टिकल 370’ के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। इसी फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का स्वर्ण कमल मिला। फिल्म के निर्माता जियो स्टूडियोज और बी62 स्टूडियोज हैं तथा निर्देशन आदित्य सुहास जंभाले ने किया है। फिल्म के निर्माता आदित्य धर पुरस्कार लेने पहुंचे। उन्होंने ‘धुरंधर’ पर ज्यादा बात करने से इनकार करते हुए उम्मीद जताई कि अगले साल राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में वह इस फिल्म के बारे में बात कर सकेंगे।

रणदीप हुड्डा की पहली निर्देशित फिल्म को राष्ट्रीय सम्मान

अभिनेता रणदीप हुड्डा को ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार मिला। यह उनके निर्देशन में बनी पहली फिल्म थी। फिल्म हिंदी भाषा में थी। उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कहा कि लोगों ने हमेशा मेरे काम की तारीफ की लेकिन सम्मान के लिए 25 साल का इंतजार करना पड़ा। हालांकि एक्टर के तौर पर नहीं मुझे निर्देशन के लिए मिला। इस बात का गर्व भी है कि निर्देशक का पहला काम किया और अवॉर्ड मिल गया। अवॉर्ड समारोह में मेरे सतह मेरी बेटी और मेरे पिताजी भी मौजूद थे। हम 3 पीढ़ियां साथ थीं। अपने पिता को इतना खुश देखना मेरे लिए बड़ी बात है। मेरी बेटी मेरे लिए लकी है उसकी वजह से यहां खड़ा हूं। मेरे पास शब्द नहीं है कि मै कितना ग्रेटफुल हूं।

आनंद एल. राय बोले- पहले लगा था डॉक्यूमेंट्री नहीं बना पाऊंगा

नॉन-फीचर फिल्म की सर्वश्रेष्ठ निर्देशन श्रेणी में आनंद एल. राय को ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ के लिए स्वर्ण कमल मिला। खास बात यह रही कि जिस स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर बनी डॉक्यूमेंट्री के लिए उन्हें सम्मान मिला, उसी की पृष्ठभूमि में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में आनंद एल. राय ने कहा, ‘जब मुझे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए कहा गया तो पहले मुझे लगा कि मैं यह नहीं कर पाऊंगा। पहले मैंने सोचा कि क्यों न इसे फीचर फिल्म बना दूं। फिर लगा कि यह एक नया चैलेंज है और मुझे इसे स्वीकार करना चाहिए। मैंने इसे किया और इसी के लिए मुझे राष्ट्रीय पुरस्कार मिल गया। आने वाले दिनों में अब मैं डॉक्यूमेंट्री बनाने से हिचकूंगा नहीं। लेकिन फिल्म बनाने से ज्यादा चुनौती मुझे डॉक्यूमेंट्री में आई क्योंकि यहां सब कुछ असली है।पुरस्कार लेने मंच पर पहुंचे आनंद एल. राय को भी दर्शकों ने खड़े होकर सम्मान दिया।

‘चंदू चैंपियन’ से कार्तिक का पहला राष्ट्रीय पुरस्कार

‘चंदू चैंपियन’ में पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर की भूमिका निभाने वाले कार्तिक आर्यन को पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। उन्होंने ममूटी के साथ सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार साझा किया। कार्तिक ने कहा कि उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उन्हें इस फिल्म के लिए अवॉर्ड मिल रहा है ।जब उन्हें अवार्ड के लिए फोन आया तो उन्हें लगा कि यह कोई फेक कॉल है। अपने माता–पिता के साथ पहुंचे कार्तिक ने अवॉर्ड से पहले स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की भी सैर की।जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने भाषण में उनके सराहनीय कार्य का उल्लेख किया तो कार्तिक भावुक हो गए।

‘भक्षक’ के लिए संजय मिश्रा, ओटीटी की मौजूदगी भी दर्ज

‘भक्षक’ के लिए संजय मिश्रा को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला। यह फिल्म सीधे ओटीटी मंच पर रिलीज हुई थी। इस बार भी राष्ट्रीय पुरस्कारों में ओटीटी पर रिलीज हुई फिल्मों की मौजूदगी दिखाई दी।

मनोज मुंतशिर को ‘जाने दो’ के लिए सर्वश्रेष्ठ गीत

‘मैदान’ के गीत ‘जाने दो’ के लिए गीतकार मनोज मुंतशिर को सर्वश्रेष्ठ गीत का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। उनके मुताबिक संगीतकार ए.आर. रहमान ने गीत की शुरुआती पंक्तियां सुनने के बाद ही इस गीत के पुरस्कार जीतने की संभावना जताई थी।

तमिल सिनेमा का दमदार प्रदर्शन

‘अमरन’ के लिए राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार मिला। इसी फिल्म के लिए आर. कलैवानन को सर्वश्रेष्ठ संपादन और जी.वी. प्रकाश कुमार को पार्श्व संगीत के लिए पुरस्कार मिला।

‘कैप्टन मिलर’ को राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। फिल्म के अभिनेता धनुष को इसी फिल्म के लिए विशेष उल्लेख दिया गया। ‘रायन’ को सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म चुना गया। वहीं ‘महाराजा’ के लिए सचना नामीदास को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री और अनल अरासु को सर्वश्रेष्ठ एक्शन निर्देशन का सम्मान मिला।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की सूची

प्रमुख राष्ट्रीय श्रेणियां

  • सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: ‘आर्टिकल 370’ – निर्माता जियो स्टूडियोज और बी62 स्टूडियोज, निर्देशक आदित्य सुहास जंभाले- सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक:
  • रणदीप हुड्डा – ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’।
  • सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय मनोरंजक फिल्म: ‘कल्कि 2898 एडी’ – निर्माता वैजयंती मूवीज; निर्देशक नाग अश्विन।
  • राष्ट्रीय, सामाजिक एवं पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: ‘कैप्टन मिलर’ – निर्माता सत्य ज्योति फिल्म्स; निर्देशक अरुण माथेश्वरन।
  • सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म: ‘35-चिन्ना कथा काडू’ – निर्माता एस ओरिजिनल्स और वॉल्टेयर प्रोडक्शंस; निर्देशक नंदा किशोर इमानी।
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: राजकुमार पेरियासामी – ‘अमरन’।
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: ममूटी – ‘ब्रह्मयुगम’; कार्तिक आर्यन – ‘चंदू चैंपियन’।
  • सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: यामी गौतम – ‘आर्टिकल 370’।
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता: संजय मिश्रा – ‘भक्षक’।
  • सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री: सचना नामीदास – ‘महाराजा’; रोपाश्री वरकडी – ‘मिथ्या’।
  • सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार: अथीश एस. शेट्टी –‘मिथ्या’; अरुंदेव पोथुला – ‘35-चिन्ना कथा काडू’; रिद्धिमान बनर्जी, तपोमय देब और गीताश्री चक्रवर्ती ‘ओंको की कोठिन’।
  • सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्व गायक: अभय जोधपुरकर – ‘घरट गणपति’ के गीत ‘नवसाची गौरी माझी’ के लिए।
  • सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्व गायिका: वैकोम विजयलक्ष्मी – ‘ए.आर.एम.’ के गीत ‘अंगु वाना कोनिलु’ के लिए।
  • सर्वश्रेष्ठ छायांकन: शहनाद जलाल –‘ब्रह्मयुगम’।
  • सर्वश्रेष्ठ पटकथा: सुकुमार – ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-2’ (मूल पटकथा); योगेश देशपांडे – ‘स्वरगंधर्व सुधीर फडके’ (रूपांतरित पटकथा); वेंकी अटलूरी – ‘लकी भास्कर’ (संवाद)।
  • सर्वश्रेष्ठ ध्वनि डिजाइन: मानस चौधरी – ‘भूल भुलैया 3’।
  • सर्वश्रेष्ठ संपादन: आर. कलैवानन – ‘अमरन’।
  • सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिजाइन: नितिन जिहानी चौधरी – ‘कल्कि 2898 एडी’।
  • सर्वश्रेष्ठ वेशभूषा: दीपाली नूर और शीतल शर्मा – ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-2’।
  • सर्वश्रेष्ठ मेकअप: पी. रवि कुमार – ‘कमिटी कुर्रोलु’।
  • सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन: शाश्वत सचदेव – ‘आर्टिकल 370’; जी.वी. प्रकाश कुमार – ‘अमरन’।
  • सर्वश्रेष्ठ गीत: मनोज मुंतशिर – ‘जाने दो’, ‘मैदान’।
  • सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी: विजय गांगुली –‘आज की रात’, ‘स्त्री 2’।
  • सर्वश्रेष्ठ एक्शन निर्देशन: अनल अरासु – ‘महाराजा’।

भाषा के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्में

असमिया

‘जुईफूल’ – निर्माता एवं निर्देशक जादुमोणि दत्ता।

बंगाली

‘चलचित्र एकों’ – निर्माता अंजन दत्त प्रोडक्शन; निर्देशक अंजन दत्त।

गुजराती

‘मारन’ –निर्माता सिनेमैन प्रोडक्शंस लिमिटेड; निर्देशक अभिषेक जैन।

हिंदी

‘श्रीकांत’ – निर्माता सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज और चॉक एन चीज फिल्म्स प्रोडक्शन; निर्देशक तुषार हीरानंदानी।

कन्नड़

‘मिथ्या’ – निर्माता परमवाह पिक्चर्स और केआरजी स्टूडियोज; निर्देशक सुमंत भट।

कोंकणी

‘मोग आसुम’ – निर्माता फ्लोइंग मांडोवी फिल्म्स, आर.एस. क्रिएशंस और कठपुतली आर्ट्स एंड फिल्म्स; निर्देशक राधेश्याम पिपलवा और एग्नेलो एंजेलो ब्रगांजा।

मलयालम

‘फेमिनिची फातिमा’ – निर्माता 1001 स्टोरीज और एएफडी सिनेमाज; निर्देशक फाजिल मोहम्मद।

मणिपुरी

‘सुनिता’ – निर्माता स्काईलाइन पिक्चर्स, खुमान लईपाक पिक्चर्स, एच.एम. प्रोडक्शन एंड कल्चरल सोसाइटी तथा खुमान माहैकोल प्रोडक्शन; निर्देशक युमनम अजीत सिंह।

मराठी

‘मुक्काम पोस्ट बोंबीलवाड़ी’ – निर्माता विवेक फिल्म्स और मायासभा करमणूक मंडली; निर्देशक परेश मोकाशी।

ओड़िया

‘लहरि’ – निर्माता झीलिक मोशन पिक्चर्स; निर्देशक अमर्त्य भट्टाचार्य।

तमिल

‘रायन’ – निर्माता सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड; निर्देशक धनुष।

तेलुगु

‘कमिटी कुर्रोलु’ – निर्माता पिंक एलीफेंट पिक्चर्स और श्री राधा दामोदर स्टूडियोज; निर्देशक यदु वामसी।

अन्य भाषाएं

  • सर्वश्रेष्ठ गढ़वाली फिल्म: ‘ढोली’ – निर्देशक दिनेश पी. भोंसले।
  • सर्वश्रेष्ठ तुलु फिल्म: ‘इम्बु’ – निर्देशक शिवध्वज शेट्टी।
  • नॉन-फीचर फिल्मों में भी कई राज्यों की झलक
  • सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म: ‘भंगार’ –मराठी एवं अंग्रेजी; निर्माता-निर्देशक सुमीरा रॉय।
  • सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक: ‘आंगेन’ – संथाली; निर्देशक रवि राज मुर्मू।
  • सर्वश्रेष्ठ जीवनी/ऐतिहासिक पुनर्निर्माण/संकलन फिल्म: ‘काकोरी’ – निर्माता केएसआर ब्रदर्स और मिन्टी मिश्रा; निर्देशक कमलेश के. मिश्रा।
  • सर्वश्रेष्ठ कला एवं संस्कृति फिल्म: ‘मैं निदा’ – निर्माता सम्प्रेषण मल्टीमीडिया; निर्देशक अतुल पांडे।
  • सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री: ‘राम-नामी’ – निर्माता बीबीपी स्टूडियो वर्चुअल भारत; निर्देशक भारतबाला गणपति।
  • सामाजिक एवं पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म: ‘पिपलांत्री: ए टेल ऑफ इको फेमिनिज्म’ – निर्देशक सूरज कुमार।
  • सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म: ‘टच्ड ऐज वॉटर’ – निर्माता जेबी प्रोडक्शंस; निर्देशक एवं एनिमेटर जोशी बेनेडिक्ट।
  • 30 मिनट तक की सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म: ‘हमसफर’ – मराठी; निर्देशक अभिजीत अरविंद दलवी।
  • सर्वश्रेष्ठ निर्देशन: ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ – आनंद एल. राय।
  • सर्वश्रेष्ठ छायांकन: ‘लाइफ इन लूम’ – एडमंड रैनसन।
  • सर्वश्रेष्ठ साउंड डिजाइन: ‘ब्लू’ – टी.एस. हरि हरा सुधन।
  • सर्वश्रेष्ठ संपादन: ‘एनडीए’ – मनवीर जसरोटिया।
  • सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन: ‘परत 41 डिग्रीच्या मागावर’ – शिवपाल सिंह कांग।
  • सर्वश्रेष्ठ कथावाचन/वॉयस ओवर: ‘लिटिल प्लैनेट: ए टेल ऑफ फ्रॉग्स’ – सौंदर्या जयचंद्रन।
  • सर्वश्रेष्ठ पटकथा: ‘ओबुर’ – हिंदी एवं कश्मीरी; लेखक फराज अली।
  • विशेष उल्लेख: ‘भद्र-काली नाटकम’ – निर्देशक आनंद ज्योति (जोस एंटनी); ‘चोला डोरा और सुई’ –निर्देशक जयमिन मोदी और लोकेश घई।

सिनेमा पर लेखन में भी दो बड़े सम्मान

सर्वश्रेष्ठ सिनेमा पुस्तक: ‘नानिरुवुदे निमगागी नादिरुवुदे ननगागी: कन्नड़ सिनेमादा तत्व मत्तू राजकीया’ – लेखक केन्चनूरु प्रदीप कुमार शेट्टी; प्रकाशक मिरर पुस्तक।

सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक: संजीव श्रीवास्तव –हिंदी।

विशेष उल्लेख में धनुष और सुरेन जी.

तमिल सिनेमा से धनुष को ‘कैप्टन मिलर’ में अभिनय के लिए विशेष उल्लेख मिला। वहीं ‘मेयाझागन’ के फिल्म साउंड मिक्स इंजीनियर सुरेन जी. को भी विशेष उल्लेख दिया गया।

सात पुरस्कारों से 45 श्रेणियों तक पहुंचा सफर

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में हुई थी। सात दशक से अधिक की यात्रा में पुरस्कारों का दायरा लगातार बढ़ा है। 72वें संस्करण में फीचर फिल्म की 26, नॉन-फीचर की 16 और सिनेमा पर लेखन की 2 श्रेणियां हैं। इसके अलावा दादासाहेब फाल्के पुरस्कार है। आधिकारिक सरकारी तथ्य-पत्र के अनुसार इन श्रेणियों में विशेष उल्लेख भी शामिल हैं। इस बार पुरस्कारों की सूची में हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, मराठी, बंगाली, असमिया, गुजराती, कोंकणी, मणिपुरी और ओड़िया जैसी आठवीं अनुसूची की भाषाओं के साथ गढ़वाली और तुलु जैसी अन्य भाषाओं की फिल्मों को भी सम्मान मिला। नॉन-फीचर वर्ग में संथाली फिल्म ‘आंगेन’ का सम्मान भी खास रहा।

एकता नगर में हुआ यह समारोह इस लिहाज से भी खास रहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का मंच सिर्फ बड़े सितारों और चर्चित फिल्मों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों, तकनीकी प्रतिभाओं, स्वतंत्र फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और लघु फिल्मों को भी समान राष्ट्रीय मंच मिला। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मंच से मुंबई के फिल्म सिटी में बन रहे एआईसीटीई के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस इंस्टीट्यूट में सिखाने वाले भी इसी इंडस्ट्री के लोग होंगे।

Created On :   22 Sept 2026 10:45 PM IST

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