जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता: किश्तवाड़ा में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे खतरनाक ग्रुप का खात्म, एनकाउंटर में तीनों आतंकियों को किया ढ़ेर, पांच लाख रुपयों का था इनाम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में रविवार को सुरक्षाबलों का बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षाबलों ने किश्तवाड़ में तीनों आतंकियों की शिनाख्त पूरी हो गई है। सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के सबसे खतरनाक आतंकियों के पूरे गुप्र को खत्म कर दिया है। इन आतंकियों की पहचान सैफुल्लाह, फरमान अली और बाशा उर्फ हुरैरा के रूप में हुई है। पिछले साल इन आतंकियों पर किश्तवाड़ पुलिस ने पांच लाख के इनाम की घोषणा की थी।
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किश्तवाड़ा में सैन्य बलों ने तीन आतंकियों को किया ढ़ेर
इन तीनों आतंकियों के घाटी में ढ़ेर होने के बाद जैश-ए-मोहम्मद का सैफुल्लाह ग्रुप पूरी तरह से ढ़ेर हो गया है। बीते 30 दिनों में भारतीय सुरक्षाबलों खुफिया विभाग की मदद से इस खतरनाक ग्रुप के सभी बचे हुए आठ आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है। यह सुरक्षाबलों की एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी मॉड्यूल को पूरी तरह से खत्म करने को लेकर सेना की ताबड़तोड़ कार्रवाई चल रही है। इसी सिलसिले में 22 फरवरी को किश्तवाड़ जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 चलाया गया। इसमें तीन आतंकियों को सुरक्षाकर्मियों ने मार गिराया गया। इस मुठभेड़ में जैश का टॉप कमांडर मारा गया था। यह ऑपरेशन जम्मू कश्मीर पुलिस और इंटरनेशनल खुफिया एजेंसी ने मिलकर चलाया था। इस दौरान सभी आतंकियों के शव बरामद किए गए थे। इनमें तीसरे आतंकी का शव झुलसा हुआ मिला था। साथ ही मौके से AK-47 और गोला बारूद समेत कई हथियार बरामद किए गए थे।
सोशल मीडिया एक्स पर सेना ने दी थी जानकारी
ऑपरेशन के दौरान सेना की व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए सूचना दी थी। इसमें लिखा था कि किश्तवाड़ जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के तहत जारी अभियान के तहत, सीआईएफ (काउंटर इंटेलिजेंस फोर्स) डेल्टा, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों ने तीसरे आतंकी का झुलसे हुआ शव और हथियार बरामद कर लिए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को क्षेत्र में 2 से 3 आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सेना को किश्तवाड़ में चतरू के जंगलों और रिहायशी इलाके के आसपास छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इनकी घेराबंदी की गई। इनमें सैफुल्लाह जो एक मोस्ट वांटेड आतंकी था। इसकी तलाश सुरक्षाकर्मियों को काफी समय से थी। सेना ने इनकी घेराबंदी करने और इन्हें भागने से रोकने के लिए सभी एंट्री और एग्जिट पाइंट्स को पूरी तरह से सील कर दिया था। संवेदनशील इलाकों में सैन्य टुकड़ियों को भेजा गया था। इस दौरान हाईटेक तकनीक का उपयोग कर एडवांस ड्रोन और स्निफर्स डॉग्स की मदद से आतंकियों का पता लगाया जा रहा था।
Created On :   23 Feb 2026 12:56 AM IST













