Satya Niketan College Accident: एमसीडी की जांच में बड़ा खुलासा! 28 लाख इमारतों में सिर्फ 19 को बताया खतरनाक, अब उठ रहे सवाल

एमसीडी की जांच में बड़ा खुलासा! 28 लाख इमारतों में सिर्फ 19 को बताया खतरनाक, अब उठ रहे सवाल
दिल्ली में सत्य निकेतन कॉलेज की 5 मंजिला इमारत गिर गई थी, जिसमें 7 लोगों की जान चली गई है। इसके बाद ही एमसीडी के सर्वे को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउत कैंपस के पास सत्य निकेतन की एक संकरी गली में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना ने राजधानी में अवैध निर्माण और जर्जर मकानों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रविवार (6 सितंबर) को हुए हादसे में लगभग 7 लोगों की मौत हुई है और इनमें 5 लोग दिल्ली यूनिवर्सिटी के ही छात्र बताए जा रहे हैं। हादसे के समय इमारत में छात्रों के लिए पीजी चल रहा था। घटना के बाद आसपास की इमारतों को लेकर भी प्रशासन काफी स्ट्रिक्ट हो गया है। नगर निगम ने पास की एक इमारत को खाली करवाकर सील भी कर दिया है और लगभग 4 अन्य इमारतों को भी खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है।

दो मंजिल की अनुमति में 5 मंजिल की इमारत पर सवाल

नगर निगम के अनुसार, यह संपत्ति पुनर्वास कॉलोनी में लगभग 55 वर्ग गज की जगह पर बनी थी। अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे प्लॉट्स पर शुरुआत में ही ग्राउंड फ्लोर और उसके बाद एक मंजिल और ऊपर बनाने की अनुमति थी। इसके बाद भी 5 मंजिल की इमारत बनाई गई थी। नगर निकम के रिकॉर्ड में इस भवन का कोई स्वीकृत नक्शा भी नहीं मिला है। अधिकारियों के मुताबिक, गिरने से पहले इस इमारत को लेकर कोई शिकायत भी दर्ज नहीं की गई थी। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बिल्डिंग बहुत ही ज्यादा पुरानी थी और कई साल पहले बनाई गई थी।

एमसीडी के सर्वे पर भी खड़े हो रहे सवाल

इस हादसे ने नगर निगम के सर्वे पर भी सवाल खड़े किए हैं। एमसीडी हर साल मानसून से पहले कमजोर इमारतों को देखने और उनकी पहचान करने के लिए सर्वे करता है। इस साल लगभग 27 लाख 84 हजार इमारतों की जांच की गई थी लेकिन इनमें सिर्फ 19 को ही खतरनाक बताया था। अधिकारियों का कहना है कि, इस तरह के सर्वे आमतौर पर इमारत की बाहर से ही कंडीशन देखकर किया जाता है। दीवारों में दरार, झुकाव या कमजोरी वाले संकेत तलाशे जाते हैं। पूरी संरचनात्मक जांच आमतौर पर नहीं की जाती है।

जांच के बाद सामने आ सकता है असली कारण

हादसे की वजह को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने मरम्मत के काम और बेसमेंट में जमे पानी का संभावित कारण बताया है। नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा है कि मजिस्ट्रेट जांच के बाद ही इमारत गिरने की असली वजह स्पष्ट होगी। बेसमेंट में कोई निर्माण या अन्य काम चल रहा था या नहीं, यह भी जांच में सामने आएगा।

पांच नगर निगम अधिकारी निलंबित

हादसे के बाद नगर निगम ने दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार समेत चार इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जांच पूरी होने तक जारी रहेगी और इस बीच भाजपा नेता विजय गोयल ने राजधानी में अवैध निर्माण और पुरानी इमारतों की हालत पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

Created On :   8 Sept 2026 11:18 AM IST

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