comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

केंद्र की गाइडलाइन: 8 जून से खुलेंगे सभी धार्मिक स्थल, मंदिर जाने पर करना होगा इन नियमों का पालन

केंद्र की गाइडलाइन: 8 जून से खुलेंगे सभी धार्मिक स्थल, मंदिर जाने पर करना होगा इन नियमों का पालन

हाईलाइट

  • धार्मिक स्थल पर एक साथ बड़ी संख्या में लोग न जुटें
  • सभी को एक-दूसरे से कम से कम छह फीट की दूरी बनाए रखना होगा
  • धार्मिक स्थल में प्रवेश द्वार पर हाथों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था होनी चाहिए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में Unlock 1 के तहत 8 जून से सभ धार्मिक स्थलों को खोला जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने गुरुवार को गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत मंदिर जाने पर  सोशल डिस्टेसिंग के सभी नियमों का पालन करना होगा। गाइडलाइन में बताया गया कि किसी भी मंदिर परिसर में जाने से पहले सभी को अपने हाथ साबुन से धोने होंगे। वहीं किसी भी धार्मिक स्थल जाने पर घंटी बजाने और मूर्ति छूने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा प्रवेश द्वार पर ही सबके शरीर का तापमान चेक किया जाएगा।

गाइडलाइन के अनुसार मंदिर परिसर में केवल उसी व्यक्ति को प्रवेश मिलेगा, जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं होगा। बिना फेस मास्क पहने लोगों का प्रवेश वर्जित होगा। केंद्र सरकार ने 28 बिंदुओं के इस गाइडलाइन में धार्मिक स्थल में पूजा-पाठ और प्रार्थना करने के लिए कई जरूरी बातें कहीं हैं।

Outlook India Photo Gallery - Temples

इन बातों का रखना होगा ख्याल

  • धार्मिक स्थल पर एक साथ बड़ी संख्या में लोग न जुटें। सभी को एक-दूसरे से कम से कम छह फीट की दूरी बनाए रखना होगा। 
  • धार्मिक स्थल में प्रवेश द्वार पर हाथों को सैनिटाइज करने की व्यवस्था होनी चाहिए। सभी श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी है। 
  • बिना लक्षण वाले श्रद्धालु को ही धार्मिक स्थल में प्रवेश दिया जाए। अगर किसी को खांसी, जुखाम, बुखार आ रहा है तो उसे तुरंत रोक दें। 
  • फेस मास्क पहने लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
  • कोविड-19 से जुड़ी जानकारी वाले पोस्टर, बैनर धार्मिक स्थल परिसर में लगाने होंगे। वीडियो भी चलाना होगा।
  • कोशिश करें कि एक साथ ज्यादा श्रद्धालु न पहुंचे। सबको अलग-अलग करने की कोशिश करें।
  • जूते, चप्पल श्रद्धालुओं को खुद की गाड़ी में उतारने होंगे। अगर ऐसी व्यवस्था नहीं है तो परिसर से दूर खुद की निगरानी में रखना होगा।
  • अगर ज्यादा भीड़ आती है तो  सोशल डिस्टेसिंग का ख्याल रखते हुए पार्किंग मैदान में क्राउड मैनेजमेंट करें।
  • परिसर के बाहर की दुकानों, स्टॉल, कैफेटेरिया में भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का हमेशा पालन करना होगा।
  • परिसर के बाहर और अंदर लाइन खींचकर रखें जिससे कतार में लगने वाले लोग एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाकर रख सकें।
  • परिसर में प्रवेश और बाहर जाने वाले लोगों के लिए अलग-अलग द्वार का प्रयोग करें।
  • प्रवेश के लिए लगी लाइन में कम से कम 6 फीट की दूरी बनाएं।
  • परिसर में प्रवेश से पहले सभी को अपने हाथ, पांव पानी और साबुन से धोने होंगे। इसके बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
  • प्रतीक्षा स्थल में बैठने के लिए जो व्यवस्था बनाई जाएगी उसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखना होगा।
  • एसी चलाने के लिए सीपीडब्ल्यूडी की गाइडलाइन का पालन करना होगा। तापमान 24 से  30 डिग्री रखना होगा। आद्रता का रेंज 40 से 70 के बीच रखना होगा। इसके अलावा कमरे में वेंटिलेशन की व्यवस्था भी रखनी होगी ताकी हवा हमेशा साफ होती रहे। 
  • मूर्ति, किताबों, घंटी, दीवारों को छूना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। 
  • परिसर में थूकने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। 
  • बड़ी संख्या में लोगों का जुटना मना है। 
  • गायन-भजन के कार्यक्रम समूह में बैठकर नहीं कर सकेंगे। ऑडियो कैसेट के जरिए भजन चला सकेंगे।
  • एक-दूसरे को छूना नहीं है।
  • एक चटाई पर ज्यादा लोगों को बैठने की मनाही है। हर किसी को खुद की चटाई साथ ले जानी होगी। 
  • परिसर में प्रसाद वितरण, श्रद्धालुओं पर पानी का छिड़काव करने पर प्रतिबंध है। हालांकि लंगर, सामुदायिक रसोंई या अन्न दान कर सकते हैं। इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। 
  • धार्मिक स्थल में समय-समय पर सैनिटाइजेशन करना जरूरी होगा। जहां हाथ-पांव धोए जा रहे हैं, बाथरूम और शौचालय में विशेष ध्यान होगा।
  • फेस मास्क, ग्लोव्स को सही तरीके से नष्ट करने की सुविधा उपलब्ध कराना होगा।

कोविड-19 या संदिग्ध केस पाए जाने पर ये करना होगा

  • 1. तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी।
  • 2. जिस जगह पर संक्रमित पाया जाएगा वो वहां पर मौजूद लोगों को आइसोलेट होना होगा।
  • 3. संदिग्ध की जांच के दौरान उसके आस-पास के लोगों को खुद का फेस कवर रखना होगा और उससे पर्याप्त दूरी बनाए रखना होगा।
  • 4. पूरे परिसर को डिसइंफेक्टेड करवाना होगा।
कमेंट करें
qKxA3
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।