दैनिक भास्कर हिंदी: ये 5 संत बने हैं राज्य मंत्री, 'कोई हैलिकॉप्टर से चलता है, तो कोई मर्सिडीज का दीवाना है'

April 4th, 2018

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने से पहले ही राज्य की शिवराज सरकार ने पांच संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दे दिया। शिवराज सरकार का यह फैसला दिग्गज राजनीतिज्ञों को भी हैरान कर गया है। इन पांचों संतों को नर्मदा नदी की रक्षा के लिए राज्यमंत्री के दर्जे से नवाजा गया है। शिवराज सरकार ने जिन पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है, उनके कारनामे भी बिल्कुल ही जुदा हैं। इनमें से एक कंप्युटर बाबा तो हैलिकॉप्टर से नीचे ही नहीं उतरतें हैं, जबकि दूसरे भय्यु महाराज मर्सिडीज के दीवाने हैं। आप भी जानिए इन पांचों संतों के बारे में...

1. कंप्यूटर बाबा
शिवराज सरकार द्वारा नवाजे गए एक राज्यमंत्री कंप्यूटर बाबा भी हैं। इनका सही नाम स्वामी नामदेव त्यागी है। कंप्युटर बाबा के बारे में कहा जाता है कि वे हेलिकॉप्टर से नीचे नहीं उतरते हैं। कंप्युटर बाबा को हेलिकॉप्टर से ही चलना पसंद करते हैं। कंप्यूटर बाबा अचानक सुर्खियों में तब आए थे, जब उन्होंने 2013 में कुंभ मेले में आने के लिए हेलीकॉप्टर से आने की अनुमति मांगी थी। वह इंदौर के दिगंबर अखाड़ा का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके पास वाई-फाई डोंगल, मोबाइल और एक लैपटॉप हमेशा साथ रहता हैं।

2. भय्यू महाराज
जमींदार और पूर्व मॉडल भय्यू महाराज का वास्तविक नाम उदय सिंह देशमुख है। भय्यू महाराज अपनी शान ओ शौकत के कारण अधिक जाने जाते हैं। भय्यू महाराज व्हाइट मर्सिडीज के दीवाने हैं। वे खुद व्हाइट मर्सिडीज एसयूवी से ही सफर करते हैं। साथ ही उनके साथ कई फॉलोअर का काफीला भी चलता है। पिछले साल वह तब सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने इंदौर की एक लड़की डॉ. आयुषी से शादी की थी। उनकी पहली पत्नी माधवी का 2015 में निधन हो गया था।

बताया जाता है कि भय्यू महाराज को 2011 में लोकपाल आंदोलन के समय अन्ना का अनशन तुड़वाने के लिए केंद्र सरकार ने दूत बनाकर भेजा था। बतौर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का भी सद्भावना उपवास भय्यू महाराज ने ही तुड़वाया था।

3. नर्मदानंद जी महाराज
शिवराज सरकार द्वारा राज्यमंत्री का दर्जा पाने वाले नर्मदानंद बाबा मध्य प्रदेश के नामी संतों में से एक हैं। हनुमान जयंती और राम नवमी के अवसर पर हर बार यात्रा निकालते हैं। उन्होंने पिछले साल कई सारी शोभा यात्राओं का आयोजन था। अब उन्हें मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य मंत्री का दर्जा दिया है।

4. हरिहरानंद
हरिहरानंद ने नर्मदा संरक्षण के लिए काफी काम किया है। वे नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा में भी शामिल रहे हैं। नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा 11 दिसंबर 2016 से 11 मई 2017 तक 144 दिनों तक चली थी। यह अमरकंटक से शुरू हुई थी।

5. योगेंद्र महंत
"नर्मदा घोटाला रथ यात्रा" के संयोजक रहे योगेंद्र मंहत तो भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ कई बार बोलते हुए भी नजर आए हैं। मगर इन्हें भी शिवराज सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा देने का फैसला किया है। इन्होंने एक मई से 15 मई तक बीजेपी सरकार के खिलाफ यात्रा निकालने का फैसला किया था। उनका आरोप था की नर्मदा हरियाली प्रोजेक्ट के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला किया किया गया। मगर अब राज्यमंत्री का दर्जा मिलते ही उनके सुर बदल चुके हैं।