दैनिक भास्कर हिंदी: लोकसभा चुनाव 2019 : देश की जनता से ‘वोट और नोट’ दोनों मांगेगी कांग्रेस

September 7th, 2018

हाईलाइट

  • कांग्रेस पार्टी को इस समय कॉरपोरेट समूहों से आर्थिक मदद मिलना लगभग बंद हो गई है।
  • लोकसभा चुनाव 2019 और आगामी विधानसभा चुनाव तक अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने नई योजना बनाई है।
  • कांग्रेस पार्टी अब डोर टू डोर प्रचार अभियान के तहत आम लोगों से वोट के साथ-साथ नोट (चंदा) भी मांगेगी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी को इस समय कॉरपोरेट समूहों से आर्थिक मदद मिलना लगभग बंद हो गई है। यही कारण है कि कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव तक अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए नई योजना बनाई है। कांग्रेस पार्टी अब डोर टू डोर प्रचार अभियान के तहत आम लोगों से वोट के साथ-साथ नोट (चंदा) भी मांगेगी। कांग्रेस पार्टी ने यह कार्य अपने बूथ लेवल के कार्यकर्ताओं को सौंपा है।

कांग्रेस के संगठन महासचिव अशोक गहलोत और कोषाध्यक्ष अहमद पटेल ने गुरुवार को एक अहम बैठक की थी। इस बैठक में कांग्रेस महासचिवों, प्रभारियों, प्रदेश इकाइयों के अध्यक्षों और कोषाध्यक्षों भी शामिल हुए। इस दौरान कई अन्य मुद्दों के साथ आगामी चुनावों के लिए वित्तीय इंतजामों को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से डोर टू डोर प्रचार अभियान चलाने और पार्टी को बूथ स्तर पर मजबूत करने का फैसला लिया गया।

सीधे जनता से चंदा इकट्ठा करेगी कांग्रेस
बैठक के बाद एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बताया कि बैठक में डोर टू डोर प्रचार अभियान, बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और सीधे जनता से चंदा इकट्ठा करने की बात की गई। सीधे जनता से चंदा मांगना एक बेहतरीन योजना है। इससे पार्टी सीधे आम लोगों से जुड़ेगी। पार्टी के इस कदम से जनता के बीच यह भी संदेश जाएगा कि हम चुनावी चंदे को लेकर ईमानदार हैं और जीतने के बाद हम आम लोगों के लिए ही काम करेंगे।

सत्तारूढ़ पार्टी के साथ है कॉरपोरेट
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह स्वीकार करने में गुरेज नहीं करना चाहिए कि कॉरपोरेट समूहों से पार्टी चंदा नहीं मिल रहा और वह आम जनता की मदद से चुनाव लड़ना चाहती है। हम सब ये जानते हैं कि कॉरपोरेट जगत सत्तारूढ़ पार्टी के साथ है। कांग्रेस हमेशा से गरीबों और आम जनता की पार्टी रही है। अगर हम वोट के साथ चंदा मांगने के लिए भी सीधे आम लोगों तक जाएंगे तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इससे पहले दिल्ली में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी आम जनता से ऑनलाइन और घर-घर जाकर चंदा मांगने का काम कर चुकी है।