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दिल्ली चुनाव : मॉडल मतदान केंद्र होंगे महिलाओं-दिव्यांगों के भरोसे, करीब डेढ़ करोड़ मतदाता डालेंगे वोट

January 15th, 2020 21:00 IST
 दिल्ली चुनाव : मॉडल मतदान केंद्र होंगे महिलाओं-दिव्यांगों के भरोसे, करीब डेढ़ करोड़ मतदाता डालेंगे वोट

हाईलाइट

  • दिल्ली चुनाव : मॉडल मतदान केंद्र होंगे महिलाओं-दिव्यांगों के भरोसे, करीब डेढ़ करोड़ मतदाता डालेंगे वोट

नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा के 8 फरवरी को होने वाले चुनाव में एक करोड़ 47 लाख 8 हजार 573 मतदाता मतदान के योग्य होंगे। मतदाताओं की इस संख्या में आने वाले दिनों में बढ़ोत्तरी भी हो सकती है। मतदान प्रक्रिया में महिलाओं-विकलांगो की भागीदारी बढ़ाने के लिए दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने एक नया फार्मूला ईजाद किया है। इस फार्मूले के तहत हर जिले में (11 जिले) एक मतदान केंद्र ऐसा होगा, जिसका संचालन सिर्फ दिव्यांग मतदान अधिकारी-कर्मचारी ही करेंगे।

इसके साथ ही हर विधानसभा में बनाए जाने वाले एक पिंक मतदान केंद्र (70 मॉडल मतदान केंद्र ) पर सिर्फ महिला अधिकारी-कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। यह कदम महिला सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने बुधवार को यह जानकारी एक संवाददाता सम्मेलन में दी। कश्मीरी गेट स्थित दिल्ली राज्य चुनाव मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए डॉ. रणबीर सिंह ने कहा, 14 जनवरी 2020 तक पांच नामांकन पत्र मिले हैं। नामांकन जारी करने की अंतिम तिथि 21 जनवरी है।

उन्होंने कहा, अब तक जो मतदाता संख्या सामने आ रही है उसमें, 80 लाख 64 हजार 351 पुरुष मतदाता हैं, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 66 लाख 43 हजार 392 है। इसी तरह अब तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक थर्ड-जेंडर मतदाताओं की संख्या 830 पता चली है। जबकि 11 हजार 560 सर्विस-वोटर्स में 9824 पुरुष और 1 हजार 736 महिला मतदाता हैं। संवाददाता सम्मेलन में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (स्पेशल ब्रांच) प्रवीर रंजन सहित आयकर, एक्साइज विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।

पत्रकारों से बात करते हुए दिल्ली राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने बताया, राज्य में जेंडर रेशो 824 है। जबकि ईपी रेशो 72।94 पता चला है। एक सवाल के जबाब में सिंह ने कहा, 18 से 20 साल के बीच के युवा और पहली बार मतदान में हिस्सा ले रहे मतदाताओं की संख्या 2 लाख 12898 अब तक सामने निकल कर आ रही है। इसी तरह दिव्यांग मतदाताओं की संख्या फिलहाल 53 हजार 759 पता चली है। जबकि ओवरसीज वोटर्स की संख्या 495 है। 80 साल से ऊपर के मतदाताओं की संख्या हाल-फिलहाल 2 लाख 4911 पता चली है। डॉ. रणबीर सिंह ने कहा, मतदाताओं को तलाशने का काम अभी भी जारी है। ताकि कोई भी मतदाता मताधिकार से वंचित न रहने पाए।

इस बार 8 फरवरी को होने वाले चुनाव में 13 हजार 750 मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं। जहां मतदाताओं की संख्या ज्यादा होगी, वहां पोलिंग स्टेशन बढ़ा दिए जाएंगे। फिलहाल 260 पोलिंग लोकेशंस तैयार की गई हैं। 8 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में 496 क्रिटिकल पोलिंग स्थान भी चिन्हित कर लिए गए हैं।

सी-विजिल एप के अब तक के सामने आये परिणाम के बारे में पूछे जाने पर डॉ. सिंह ने कहा, बजरिये इस एप के अब तक 445 शिकायतें मिलीं। जांच में 365 शिकायतें सही पाई गईं। इन 365 में से 263 का निपटारा सिर्फ 100 मिनट के भीतर कर दिया गया। वीडियो वैन के जो 50 आवेदन चुनाव मुख्यालय को मिले थे, उन सभी का निस्तारण हो चुका है। सभी को अनुमति दे दी गई।

मतदान के दौरान मोबाइल के इस्तेमाल के बाबत पूछे जाने पर मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया, हां, कुछ चुनिंदा मतदान केंद्रों पर मोबाइल ले जाए जा सकते हैं। मगर शर्तो के साथ। जो मतदाता डिजीटल फोटो पर्ची का मतदान केंद्र पर उपयोग करेंगे, वे बीएलए की पड़ताल के बाद मोबाइल मतदान केंद्र के अंदर ले जा सकेंगे।

दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य कुमार पटनायक 31 जनवरी 2020 को रिटायर हो रहे हैं। जबकि विधानसभा चुनाव की तैयारियां चरम पर हैं। ऐसे में क्या पटनायक को सेवा-विस्तार दिया जाएगा? पूछे जाने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, यह मेरे कार्य-क्षेत्र में नहीं है। चुनाव आयोग को जो बाजिव लगेगा। नियमानुसार जो संभव होगा। शांतिपूर्ण मतदान के लिए हर वो कानूनी कदम समय रहते उठाया जाएगा।

शारीरिक रूप से मतदान स्थल तक मतदान के लिए न जा पाने वाले मतदाताओं की सुविधा के मद्देनजर विशेष कार्य-योजना तैयार किए जाने की बात भी मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने बताई। इस योजना के तहत ऐसे मतदाताओं को उनके मताधिकार का उपयोग कराने के लिए चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी टीमें उनके निवास स्थान पर खुद जाकर वोट डलवाएंगीं।

--- आईएएनएस

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