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PSLV की 50वीं उड़ान, RISAT-2BR1 और 9 विदेशी सेटेलाइटों को किया कक्षा में स्थापित


हाईलाइट

  • PSLV-C48/RISAT-2BR1 सतीश धवन स्पेस सेंटर से सफलतापूर्वक लॉन्च
  • RISAT-2BR1 सैटेलाइट को पृथ्वी से 576 किलोमीटर ऊपर की कक्षा में स्थापित किया गया
  • 9 विदेशी सैटेलाइटों को भी सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया गया

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बुधवार को RISAT-2BR1 और नौ विदेशी उपग्रहों को PSLV-C48 क्यूएल रॉकेट से सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में स्थापित कर दिया गया। यह लॉन्च दोपहर 3.25 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर में पहले लॉन्च पैड से किया गया। RISAT-2BR1 ताकतवर इमेजिंग सैटेलाइट है जो अंतरिक्ष में तैनात होने के बाद भारत की राडार इमेजिंग की ताकत में कई गुना इजाफा कर देगा। लॉन्च के बाद इसरो चेयरमैन ने मिशन के सफल होने की जानकारी दी।

628 किलोग्राम वजनी RISAT-2BR1 सैटेलाइट को पृथ्वी से 576 किलोमीटर ऊपर की कक्षा में स्थापित किया गया। RISAT-2BR1 सैटेलाइट के अलावा अमेरिका के 6, इजरायल, जापान और इटली के भी एक-एक सैटेलाइट को इसी रॉकेट से लॉन्च किया गया था। इन उपग्रहों को भी अपनी-अपनी निर्धारित कक्षाओं में सफलतापूर्क स्थापित कर दिया गया। यह पीएसएलवी की 50वीं फ्लाइट थी, जबकि श्रीहरिकोटा स्पेसपोर्ट से 75वां लॉन्च व्हीकल मिशन।

RISAT-2BR1 0.35 मीटर रिज़ॉल्यूशन पर तस्वीरों को कैप्चर करने की क्षमता रखता है। RISAT-2BR1 की X-Band SAR की क्षमताएं मौसम की परवाह किए बगैर बादलों में भी तस्वीरों को क्लिक कर सकती हैं। इसे भारत की सीमाओं की निगरानी और अगले पांच वर्षों के लिए किसी भी घुसपैठ या आतंकवादी अभियानों को मॉनिटर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमैन डॉ. के सिवन ने लॉन्च से पहले मंगलवार को तिरुपति बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना की। मीडिया से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि पीएसएलवी सी 48 इसरो की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है क्योंकि यह पीएसएलवी के लिए 50वां और श्रीहरिकोटा से 75वां लॉन्च है। 

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