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PMC बैंक फ्रॉड: आरोपियों की हिरासत बढ़ी, RBI 27 अक्टूबर को जारी करेगी प्रेस रिलीज


हाईलाइट

  • RBI और पीएमसी बैंक खाताधारकों के बीच सोमवार को बैठक हुई
  • बैठक में 19 बिंदुओं पर चर्चा की गई
  • RBI इस मामले पर 27 अक्टूबर को प्रेस रिलीज जारी करेगी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और  पंजाब और महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक खाताधारकों को बीच सोमवार को बैठक हुई। इस बैठक में 19 बिंदुओं पर चर्चा की गई। RBI ने खाताधारकों को आश्वासन दिया कि उनका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है। RBI गवर्नर  इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। RBI 27 अक्टूबर को प्रेस रिलीज जारी करेगी।  प्रदर्शनकारी खाताधारकों ने आरबीआई को 30 अक्टूबर तक का वक्त दिया है।

आरोपियों की 24 अक्टूबर तक बढ़ी हिरासत
उधर, मुंबई की विशेष अदालत ने  पीएमसी बैंक घोटाले के आरोपी राकेश वाधवन और सारंग वाधवन की प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत 24 अक्टूबर तक बढ़ा दी। इससे पहले, 18 अक्टूबर को कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 22 अक्टूबर तक  हिरासत में भेज दिया था। दोनों आरोपी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) के प्रमोटर है।

अब तक पांच लोगों की मौत
बैंक से रकम निकालने की पाबंदी से सदमे में आकर अब तक 5 लोगों की जान चली गई है। पीएमसी बैंक में फ्रॉड सामने आने के बाद आरबीआई ने 23 सितंबर को बैंक पर 6 महीने का प्रतिबंध लगाने के बाद निर्देश दिए थे। इसके साथ ही आरबीआई ने कहा था कि जमाकर्ता अपने खाते से 1 हजार रुपये से ज्यादा की राशि नहीं निकाल सकेंगे। इसके बाद विड्रॉल लिमिट को बढ़ाकर 10000, 25000 और फिर 40000 किया गया।

पीएमसी का डूबा 4355 करोड़ का लोन
पीएमसी बैंक ने अनियमितता बरतते हुए एचडीआईएल (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) को हजारों करोड़ रुपए का लोन बांटा था। इसके कारण कम से 4,355 करोड़ रुपए का लोन डूब जाने का अनुमान है। बैंक के कर्मचारियों ने एचडीआईएल के खाते को एनपीए घोषित करने से बचाए रखने के लिए कई डमी अकाउंट्स का इस्तेमाल किया था।

EOW ने किया राकेश और सारंग को गिरफ्तार
इस मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एचडीआईएल  के दो प्रमोटरों, राकेश वाधवन और उनके बेटे सारंग वाधवन को गिरफ्तार किया था। ईओडब्लू ने दावा किया था कि शुरुआती जांच में पता चला है कि बैंक के साफ्टवेयर के साथ कुछ छेड़छाड की गई थी ताकि 44 खातों को छुपाया जा सके। इन खातों का संबंध एचडीआईएल से होने की आशंका है।

1984 में हुई थी PMC बैंकी स्थापना
पंजाब ऐंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना 1984 में की गई थी। बैंक ने कुल 8,300 करोड़ के कर्ज दे रखे हैं जबकि बैंक में खातेदारों के 11,600 करोड़ रुपये जमा हैं। इस बैंक की 7 राज्यों महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, गोवा, आंध्र प्रदेश और एमपी में शाखाएं है। इसमें से अकेले महाराष्ट्र में 103 शाखाएं है जबकि कर्नाटक में 15, गोवा में 6 और दिल्ली में 6 शाखाएं है।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।