दैनिक भास्कर हिंदी: पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से देश में हाहाकार, पीएम मोदी ने बुलाई बैठक

September 14th, 2018

हाईलाइट

  • देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।
  • तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष भी लगातार मोदी सरकार पर हमला बोल रही है।
  • ऐसे में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सप्ताह समीक्षा बैठ कर अर्थव्यवस्था की सेहत का जायजा लेंगे।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष भी लगातार मोदी सरकार पर हमला बोल रही है। ऐसे में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समीक्षा बैठ कर अर्थव्यवस्था की सेहत का जायजा लेंगे। ये बैठक शनिवार को होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में रुपए की गिरावट और तेल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली भी शामिल होंगे और भी कुछ कैबिनेट मंत्रियों के भी इसमें शामिल होने की उम्मीदें हैं।  

गौरतलब है कि डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत दिन ब दिन गिरती ही जा रही है। बुधवार को 22 पैसे कमजोर होकर रुपया 72.91 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को रुपया 72.69 पर बंद हुआ था, उस समय रुपए में 24 पैसे की गिरावट हुई थी। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। बता दें कि सोमवार को भी रुपए में गिरावट दर्ज की गई थी। डॉलर के मुकाबले सोमवार को रुपया 72.66 के स्तर पर पहुंच गया था। इससे पहले शुक्रवार को रुपए में 26 पैसे की बढ़त हुई थी।

डॉलर के मुकाबले रुपए की गिरावट का एक बड़ा कारण अमेरिका और चीन के बीच जारी ट्रेड वॉर भी है। इन दो बड़े देशों की बीच चल रहे ट्रेड वॉर के कारण वैश्विक स्तर पर लोगों का डॉलर पर भरोसा बढ़ता ही जा रहा है और यही भरोसा रुपए के लिए मुसीबत बना हुआ है। वैश्विक स्तर पर डॉलर की जमकर खरीदारी का जा रही है। डॉलर पर लोगों का बढ़ता भरोसा ही रुपए की गिरावट के लिए सबसे बड़े कारण बताया जा रहा है।

वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रोजाना हो रही पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर रोक की मांग को लेकर लगाई गई याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ने का मामला देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर सुनवाई नहीं हो सकती। हाईकोर्ट में लगी जनहित याचिका में पेट्रोलियम कंपनियों और सरकार के रोजाना दाम बढ़ाने पर रोक लगाने की मांग रखी गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि हाई कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप कर निर्देश जारी करे। 

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