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अयोध्या में आधा से ज्यादा बन चुका है राममंदिर : विहिप

October 20th, 2019 08:49 IST
अयोध्या में आधा से ज्यादा बन चुका है राममंदिर : विहिप

हाईलाइट

  • पूरा मंदिर बनने में 1 लाख 75 हजार घनफुट पत्थर लगना है
  • 125 मूर्तियां बनाई जानी हैं, अब तक करीब 24 मूर्तियां तैयार हैं
  • पत्थरों को तराशने के लिए करीब 100 करीगर लगे हुए हैं

लखनऊ , 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। रामंदिर पर विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई पूरी हो चुकी है, और अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब पूरी दुनिया की नजर फैसले पर टिकी हुई है। राममंदिर निर्माण के लिए 1990 में स्थापित की गई कार्यशाला में पत्थरों को तराशने का कार्य पूरा हो गया है। विहिप का दावा है कि मंदिर का लगभग आधे से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। बाकी निर्णय आने के बाद पूरा कर लिया जाएगा।

वर्तमान में रामघाट स्थित मंदिर निर्माण कार्यशाला में प्रथम तल की पत्थर तराशी का काम लगभग पूरा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रवक्ता शरद शर्मा ने आईएएनएस को बताया कि रामजन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर 268 फुट लंबा और 140 फुट चौड़ा तथा 128 फुट ऊंचा होगा। मंदिर की प्रथम पीठिका पर 10 फुट चौड़ा परिक्रमा का स्थान बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मंदिर दो मंजिल का बनाया जाएगा, और दूसरे मंजिल पर राम दरबार और उसके ऊपर शिखर होगा। राम मंदिर के हर तल पर 106 खंभे और हर एक खंभे में 16 मूर्तियां होंगी।

शर्मा ने बताया, अग्रभाग, सिंह द्वार, नृत्यमंडप, रंगमंडप और गर्भगृह के रूप में मंदिर के मुख्यतया पांच प्रखंड होंगे। पूरा मंदिर बनने में 1 लाख 75 हजार घनफुट पत्थर लगना है। इसमें से 1 लाख घनफुट से ज्यादा पत्थर तराशे जा चुके हैं।

शर्मा ने बताया, रामलला का जो क्षेत्र है, वह करीब 77 एकड़ में है। रामजन्मभूमि न्यास ने 1992 में लगभग 45 एकड़ में रामकथा कुंज बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए हमने तैयारी कर रखी है। राम के जन्म से लेकर लंका विजय और फिर अयोध्या वापसी तक के स्वरूप को पत्थरों पर उकेरा जाएगा। 125 मूर्तियां बनाई जानी हैं। अब तक करीब 24 मूर्तियां तैयार हो चुकी हैं।

उन्होंने बताया, पूरे मंदिर में 1 लाख 75 हजार घन फुट पत्थर लगना है, जिसमें से 1 लाख घन फुट से अधिक पत्थर को गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कारीगरों द्वारा तराशा जा चुका है। मंदिर का भूतल सहित करीब 65 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते ही राम जन्म भूमि पर मंदिर का भूतल पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो जाएगा।

राम मंदिर निर्माण का कार्य गुजरात से आए अन्नू भाई सोमपुरा की देखरेख में हो रहा है। अन्नू ने आईएएनएस को बताया, 1990 से काम चल रहा है। वह 45 वर्ष की आयु में यहां आए थे। 30 साल से लगातार पत्थरों की ताराशी का काम चल रहा है। अब तो पत्थर भी मंदिर में लगने के लिए रो रहे हैं। मेरा पूरा परिवार यहीं रहता है। मेरे तीन बेटे हैं, जो यहां आते-जाते रहते हैं। सरकार चाहे जिसकी रही हो पत्थर ताराशने का काम कभी बंद नहीं हुआ है। पूरा मंदिर बनने में लगभग तीन वर्ष लग जाएंगे।

उन्होंने बताया, राजस्थान के बंसी पहाड़पुर से खूबसूरत गुलाबी पत्थरों को मंगाया गया है। पत्थरों को काटने के लिए मशीनें लगाई गई हैं। इसे तराशने में करीब 100 करीगर लगे हुए हैं। जो निरंतर काट कर इसकी नक्काशी बना रहे हैं। इसके चलते अब तक राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल के मुताबिक प्रथम तल का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके लिए करीब एक लाख घनफुट पत्थरों की तराशी हो चुकी है। अभी नींव खोदी जाएगी। जन्मभूमि के पीछे खाईं है, जिसे पूरा करने में समय लगेगा।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।