MM Naravane Book: पूर्व सेना चीफ MM नरवणे की विवादित किताब के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री दिया बयान, अब इन पुस्तकों पर नहीं लगेगी रोक

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की पुस्तक विवाद के बाद पहली बार बयान दिया है। इस दौरान उनका कहना है कि पूर्व सेना प्रमुखों द्वारा किताब लिखने पर रोक नहीं लगेगी। साथ ही उन्होंने उन खबरों को भी गलत बताया है, जिसमें बताया गया था कि सेना से रिटायरमेंट के 20 साल के बाद तक कोई भी किताब लिखने की इजाजत नहीं होगी।
MM नरवणे की पुस्तक पर कब हुई विवाद
इस साल संसद में बजट सत्र के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व जनरल नरवणे की किताब को छपने की इजाजत को लेकर भारत सरकार से सवाल किए थे। इसके बाद संसद में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला था और कई बार सत्र को स्थगित भी कर दिया गया था। पूर्व जनरल ने इस किताब में साल 2020 में चीन के साथ गलवान घाटी में हुई झड़पों का जिक्र किया है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई को नरवणे ने अक्टूबर 2023 में एक इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि अपनी आत्मकथा, फॉर स्टार्स ऑफ डेस्टेनी लिखी है। वहीं, पीटीआई ने इस किताब के कुछ अंश भी अपनी रिपोर्ट में प्रकाशित किए थे।
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रक्षा मंत्रालय ने पब्लिशिंग हाउस को भेजा नोटिस
इस किताब में पूर्व थलसेनाध्यक्ष ने अपने मातहत कमांडरों के साथ हुई मीटिग और उन्हें दिए गए दिशा-निर्देशों का भी जिक्र किया था। इन्हीं बातों को लेकर मंत्रालय ने इस पुस्तक को प्रकाशित करने वाले पब्लिशिंग हाउस को नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे इस पूरी किताब का ड्राफ्ट मांगा है। यह पुस्तक अप्रैल 2024 में प्रकाशित की जानी थी, लेकिन अभी तक उसे प्रकाशित नहीं किया गया है।
MM नरवणे की किताब क्यों नहीं की गई पब्लिश
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एमएम नरवणे की किताब को ऑफिसियल सीक्रेट एक्ट (OSA) और आर्मी एक्ट के तहत रोक लगा दी है। अगर उसे रिलीज किया जाता तो सेना से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं सार्वजनिक होने की आशंका जाहिर की जा रही है।
Created On :   21 Feb 2026 9:36 PM IST













