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50 लाख का जिंदा पेंगुलिन जब्त , एक पकड़ाया , दो फरार

50 लाख का जिंदा पेंगुलिन जब्त , एक पकड़ाया , दो फरार

डिजिटल डेस्क,कटनी। जंगल में अब पेंगुलिन बड़ी मुश्किल से मिलते हैं। इसके लिए आपको तीन लाख रुपए देना होगा, तभी उन्हें यह वन्य प्राणी मिल सकता है। ऊपर से विभाग का अलग सख्त पहरा है। यह बात उस तस्कर और उन वन कर्मचारियों के बीच की है , जिन्हें तस्कर को जाल में फंसाने के लिए झूठ का सहारा लेना पड़ा।  बड़वारा क्षेत्र के बंदरी गांव में संयुक्त टीम ने तस्कर हरिराम पिता नत्थू कोल उम्र 32 वर्ष क्षेत्र से इंटरनेशनल मार्केट में 50 लाख की कीमत का पेंगुलिन जब्त किया। गिरोह के कुछ सदस्य टीम को चकमा देकर फरार होने में सफल हो गए। संयुक्त टीम में वन विकास निगम के धिकारियों के साथ जबलपुर की एसएसटीएफ टीम रही।

संयुक्त टीम ने की कार्यवाही

बड़वारा बीट नंबर 438 कुंडम प्रोजेक्ट में यह संयुक्त कार्यवाही की। जिसमें जबलपुर से भी उच्चाधिकारी शामिल रहे। टीम यहां पर गुपचुप रुप से और अलग-अलग टुकडिय़ों में दबिश दी। ताकि इसकी भनक किसी शिकारी को नहीं लगे। कार्यवाही पूरी तरह से गोपनीय रखी गई। टीम में  एसडीओ एस एस मरावी, इवनेश इवने, उमाशंकर केवट, अर्जुन सिंह, राजबहादुर, हरवंश , देवेंद्र सिंह राठौर, दिलबहार सिंह, राजीव कुमार दीक्षित ,विपिन कुमार चतुर्वेदी,आरक्षक विनोद कुमार पटेल एवं अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।

खरीददार बनकर पहुंचे कर्मचारी

मुखबिर के द्वारा जैसे ही बंदरी गांव में पेंगुलिन की जानकारी मैदानी अमले को प्राप्त हुई। शिकारियों को जाल में फंसाने के लिए विभाग में दैनिक वेतन भोगी संतोष पयासी और आरक्षक दिलबहार सिंह पता लगाते हुए सीधे गांव पहुंचे। यहां पर शिकारी को पहले भरोसा में लिया, और पेंगुलिन को खरीदने की बात करने लगे। जिस पर शिकारी और उसके साथी तीन लाख रुपए में अड़े रहे। बाद में यह सौदा सवा लाख में तय हुआ। सौदा तय होने के बाद जैसे ही आरोपी ने पेंगुलिन निकाला। दोनों कर्मचारी उसे दबोच लिए। टीम के अन्य कर्मचारी यहां पर पहुंचते कि गिरोह में अन्य सदस्य फरार हो गए थे।
 

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