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विद्युत लाइन में 30 मिनट के फाल्ट ने उड़ाई रेल प्रबंधन की सांस फूली

विद्युत लाइन में 30 मिनट के फाल्ट ने उड़ाई रेल प्रबंधन की सांस फूली

 डिजिटली डेस्क सतना। मानिकपुर -सतना के बीच रेलवे की बिजली लाइन (ओवर हेड वायर) में तकरीबन 30 मिनट के फाल्ट ने सुबह यहां रेल प्रबंधन की नींद उड़ा दी। हालांकि रेल अफसरों ने कहा कि फाल्ट महज 7 मिनट का था, मगर सूत्रों ने बताया कि बिजली की सतत आपूर्ति में लगभग आधा घंटे का वक्त लग गया। सतना - मानिकपुर के बीच 78 किलोमीटर  पर विद्युतीकृत रेल परिवहन हाल ही में शुरु किया गया है। ऐसा पहली बार है,जब आपूर्ति में गतिरोध का मामला सामने आया है। 
महाकौशल और सारनाथ के चके थमे 
रेलवे के जानकार सूत्रों ने बताया कि सुबह लगभग 7 बज कर 50 मिनट पर जिस वक्त रेलवे की बिजली लाइन में तकनीकी गतिरोध आया उस समय निजामुद्दीन से चलकर जबलपुर की ओर जा रही महाकौशल एक्सप्रेस चितहरा और जैतवारा स्टेशनों के बीच थी। जबकि दुर्गा से छपरा की ओर जा रही सारनाथ एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर 2 पर खड़ी थी। जो गाड़ी जहां थी,उसके चके वहीं पर थम गए। इतना ही नहीं इस व्यवधान के कारण यहां यार्ड में सीमेंट से लोड एक मालगाड़ी समेत 2 अन्य गाडिय़ां भी जहां थीं, उनके चके वहीं पर थम कर रह गए। 
सतना-रीवा के बीच सीआरएस ट्रायल अगले माह :----
 इसी बीच रेल सूत्रों ने उम्मीद जताई कि सतना से रीवा के बीच 50 किलोमीटर की सिंगल ट्रैक पर रेल विद्युतीकरण का काम 30 नवंबर तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इस सिलसिले में दिसंबर माह में सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) का ट्रायल हो सकता है। जानकारों ने कहा कि अगर सब कुछ ठीक ठाक रहा तो दिसंबर के आखिरी हफ्ते में सतना-रीवा के बीच रेलवे की बिजली गाडिय़ां प्रारंभ हो जाएंगी। जबकि कटनी से सतना के बीच 99 किलोमीटर पर डबल ट्रैक के विद्युतीकरण का काम अलगे साल मार्च तक पूरा हो पाएगा। अभी सतना से मानिकपुर के मध्य लगभग 44 यात्री गाडिय़ों में बिजली के इंजन लगने शुरु हो चुके हैं। 
 

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