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कमर्शियल रियल एस्टेट की डिमांड से प्राइम ऑफिस रेंटल में बढ़ोतरी

कमर्शियल रियल एस्टेट की डिमांड से प्राइम ऑफिस रेंटल में बढ़ोतरी

हाईलाइट

  • भारत में कमर्शियल रियल एस्टेट की डिमांड के चलते प्राइम ऑफिस रेंटल बढ़ गया है
  • नई दिल्ली का कनॉट प्लेस एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चौथा सबसे महंगा ऑफिस मार्केट बन गया है
  • नाइट फ्रैंक के आंकड़ों से ये बात सामने आई है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भारत में कमर्शियल रियल एस्टेट की डिमांड के चलते मुंबई, नई दिल्ली और बेंगलुरु जैसे शहरों में प्राइम ऑफिस रेंटल बढ़ गया है। पहली तिमाही के दौरान, बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली में प्राइम ऑफिस का किराया एक साल पहले की तुलना में क्रमशः 17%, 5% और 1.4% बढ़ा। इस ग्रोथ से नई दिल्ली के कनॉट प्लेस को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चौथा सबसे महंगा ऑफिस मार्केट बाजार बना दिया है। नाइट फ्रैंक के आंकड़ों से ये बात सामने आई है।

कनॉट प्लेस में $82.5 प्रति वर्ग मीटर (330 रुपये प्रति वर्ग फीट) का सकल प्रभावी मासिक रेंट दर्ज किया गया जो हांगकांग, टोक्यो और सिंगापुर से थोड़ा कम है। मुंबई का बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) $75.1 प्रति वर्ग मीटर (300 रुपये प्रति वर्ग फीट) के प्रभावी मासिक किराए के साथ, सातवीं सबसे महंगी ऑफिस लोकेशन है।

नाइट फ्रैंक इंडिया के सीएमडी शिशिर बैजल ने कहा कि 'ऑफिस स्पेस डिमांड में 2018 में 47 मिलियन स्क्वेयर फीट (एमएसएफ) लीजिंग के साथ रिकॉर्ड ग्रोथ देखी गई, जबकि इसी अवधि में नए ऑफिस स्पेस सप्लाई में 13% की बढ़ोतरी हुई। प्राइम ऑफिस मार्केट पहले से ही बहुत कम वेकेंसी के साथ काम कर रहे हैं, जो नए ट्रांजेक्शन को धीमा कर रहा है।' बैजल ने कहा कि 'मजबूत मांग के रुझानों ने विशेष रूप से प्रमुख बाजारों में किराये पर दबाव बढ़ा दिया है। इस तरह के ट्रेंड के आगे भी कंटिन्यू रहने की उम्मीद है।' 

2019 की पहली तिमाही के लिए नाइट फ्रैंक के एशिया-पैसिफिक प्राइम ऑफिस रेंटल इंडेक्स ने किराए की सिक्वेंशियल ग्रोथ में 0.4% की गिरावट दर्ज की, हालांकि यह साल-दर-साल आधार पर 6.2% अप रही। इंडेक्स में सिक्वेंशियल गिरावट की वजह अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, ब्रेक्सिट और क्षेत्र में कई प्रमुख चुनावों जैसी ग्लोबल अनिश्चितताओं को माना जा रहा है।

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