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पीएमसी बैंक जमाकर्ताओं ने मांगा 5,000 करोड़ का पैकेज, HDIL के मालिक ने कहा- मेरी संपत्ति बेच दो


हाईलाइट

  • पीएमसी बैंक के जमाकर्ता सरकार से अपने खातों में फंसे धन को वापस लेने के लिए मदद मांग रहे हैं
  • जमाकर्ताओं ने सरकार से 5,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा करने की मांग करते हुए धरना दिया
  • मुख्य आरोप HDIL के मालिक ने कहा- मेरी संपत्ति बेच दो

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पंजाब और महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के जमाकर्ता सरकार से अपने खातों में फंसे धन को वापस लेने के लिए मदद मांग रहे हैं। मुंबई में किला अदालत के बाहर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी चुनावी रैली में घोटालेबाज बैंक के जमाकर्ताओं के लिए 5,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा करने की मांग करते हुए धरना दिया।

इस बीच बैंक के बकाये का भुगतान करने के लिए रियल एस्टेट समूह एचडीआईएल के प्रमोटरों, राकेश और सारंग वाधवान, जो पीएमसी बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी हैं ने आरबीआई और जांच एजेंसियों से अपनी संपत्ति बेचने का अनुरोध किया। इस संपत्ति में एक याच्ट, एक रोल रॉयस और एक एयरक्राफ्ट शामिल हैं। वाधवान ने प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय वित्त मंत्रालय और आरबीआई को लिखे पत्र में अनुरोध किया कि उनकी अटैच की गई संपत्ति को बेचने की अनुमति दी जाए। ये पत्र वाधवानों के एक प्रवक्ता ने जारी किया है।

पत्र में सूचीबद्ध संपत्ति में रोल्स रॉयस फैंटम, बेंटले कॉन्टिनेंटल, बीएमडब्लू 730 एलडी जैसी अल्ट्रा-लग्जरी कारें और एक ऐंबेसेडर शामिल है। इसमें राकेश के बेटे सारंग वाधवान की संपत्ति की सूची भी है। जिसमें एक फाल्कन 2000 एयरक्राफ्ट, ऑडी एजी, एक फेरटि याच्ट 881, दो इलेक्ट्रिक कार, तीन क्वाड बाइक (एटीवी) और स्पीड बोट (डॉल्फिन सुपर डीलक्स 31HT, 7 सीटर) है।

बता दें कि पीएमसी बैंक ने अनियमितता बरतते हुए एचडीआईएल (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) को हजारों करोड़ रुपए का लोन बांटा था। इसके कारण कम से 4,355 करोड़ रुपए का लोन डूब जाने का अनुमान है। बैंक के कर्मचारियों ने एचडीआईएल के खाते को एनपीए घोषित करने से बचाए रखने के लिए कई डमी अकाउंट्स का इस्तेमाल किया था।

इस मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एचडीआईएल  के दो प्रमोटरों, राकेश वधावन और उनके बेटे सारंग वधावन को गिरफ्तार किया था। ईओडब्लू ने दावा किया था कि शुरुआती जांच में पता चला है कि बैंक के साफ्टवेयर के साथ कुछ छेड़छाड की गई थी ताकि 44 खातों को छुपाया जा सके। इन खातों का संबंध एचडीआईएल से होने की आशंका है।

पंजाब ऐंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना 1984 में की गई थी। बैंक ने कुल 8,300 करोड़ के कर्ज दे रखे हैं जबकि बैंक में खातेदारों के 11,600 करोड़ रुपये जमा हैं। इस बैंक की 7 राज्यों महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, गोवा, आंध्र प्रदेश और एमपी में शाखाएं है। इसमें से अकेले महाराष्ट्र में 103 शाखाएं है जबकि कर्नाटक में 15, गोवा में 6 और दिल्ली में 6 शाखाएं है।

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