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देवउठनी एकादशी के एक सप्ताह बाद शुरू होंगे विवाह मुहूर्त

देवउठनी एकादशी के एक सप्ताह बाद शुरू होंगे विवाह मुहूर्त

डिजिटल डेस्क  दमोह । आठ नवंबर को देवउठनी एकादशी के दिन 4 माह से पाताल लोक में शयन कर रहे भगवान विष्णु जागेंगे। इसी के साथ ही शादियां सहित सभी मांगलिक कार्यों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। ज्योतिषियों की मानें तो इस वर्ष देवउठनी एकादशी पर शादियों के लिए कोई मुहूर्त नहीं है। इसके चलते शादी के लिए एक  सप्ताह से अधिक का इंतजार करना पड़ेगा। ग्रह नक्षत्रों की गणना के अनुसार सूर्य अपनी स्थिति देरी से बदलेगा। इस वजह से मांगलिक कार्य तो होंगे  पर शादियां नहीं होंगी ।
इस वर्ष के अंत तक 15 दिन ही शादियों के लिए मुहूर्त हैं। इसमें सबसे ज्यादा मुहूर्त 19 से 30 नवंबर तक 9 दिन हैं। एसपीएम नगर स्थित श्री शिव शनि हनुमान मंदिर के पुजारी पं बालकृष्ण शास्त्री एवं पं आशुतोष गौतम शास्त्री के अनुसार पिछले हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार देव शयनी के बाद मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं ।हालांकि धार्मिक पूजा अनुष्ठान चलते रहते हैं ।दीपावली के 11 दिन बाद  8 नवंबर को देवउठनी एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु के निंद्रा के जागने पर तुलसी शालिगराम विवाह होने के बाद मांगलिक कार्य शुरू होते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं है ।ऐसा इसलिए होगा क्योंकि गणना के अनुसार शुक्र एक सप्ताह तक अस्त रहेगा। इसके चलते विवाह वर्जित माने जाते हैं ।
इस वर्ष शादियां 19 नवंबर से शुरू होंगे 
नवंबर और दिसंबर को मिलाकर शादियों के लिए केवल 15 मुहूर्त ही हैं ।शास्त्री बताते हैं कि शादियों में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है।   विवाह यदि शुभ योग में हो तो उसके परिणाम भी बेहतर और समृद्धि कारक होते हैं।

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