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भारत में पेट्रोल- डीजल के दामों में हो सकती है बढ़ोतरी, ये है वजह

भारत में पेट्रोल- डीजल के दामों में हो सकती है बढ़ोतरी, ये है वजह

हाईलाइट

  • भारत ने तेल की कीमतों में बढ़ोतरी पर चिंता जाहिर की
  • बीते दिनों कच्चे तेल की कीमत में 5 प्रतिशत का उछाल
  • ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 65 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले दिनों कच्चे तेल की कीमत में 5 प्रतिशत का उछाल आने के बावजूद भारत में पेट्र्रोल डीजल के भाव में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। ऐसे में आमजनों को काफी राहत मिली है, लेकिन ये राहत अधिक दिनों तक रहने वाली नहीं है। दरअसल हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते भारत ने तेल की कीमतों में बढ़ोतरी पर चिंता जाहिर की है।

तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोन को मार गिराए जाने से जुड़े घटनाक्रमों के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इसके चलते भारत ने ओपेक के मुख्य सदस्य देश सऊदी अरब को तेल की कीमतों को काबू में रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत में गुरुवार को 5 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया थाए जो जनवरी के बाद से सर्वाधिक है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत फिलहाल 65 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है।

क्षेत्र में तनाव की स्थिति
बता दें कि होर्मुज जलडमरू मध्य पर ईरानी बलों द्वारा अमेरिकी नौसेना के एक ड्रोन को गिराए जाने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सऊदी के पेट्रोलियम मंत्री खालिद अल फलीह से हालात पर चर्चा भी की। 

ग्राहकों की संवेदनशीलता
प्रधान ने ट्वीट किया, होर्मुज जलडमरू मध्य की घटना चिंता की बात है जिससे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर भारतीय ग्राहकों की संवेदनशीलता का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, सऊदी अरब के ऊर्जाए उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री खालिद अल फलीह से फोन पर बात हुई है। इस बातचीत में भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने पर चर्चा हुई।

कीमतों पर फिर दबाव बढ़ रहा
भारत अपनी पेट्रोलियम जरूरतों के लिए बहुत हद तक आयात पर निर्भर है और क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी आर्थिक चुनौतियों को बढ़ा सकती है। जून की शुरुआत में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें सीमित दायरे में रही। इस कारण भारत में भी कीमतों में कमी का रुख देखने को मिला, हालांकि अब कीमतों पर फिर दबाव बढ़ रहा है। फिलहाल कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने के बाद भी भारत में पेट्रोल- डीजल की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं र्हुइ है। 
  

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