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अमरनाथ यात्रा : जाने से पहले ध्यान रखें ये 10 महत्वपूर्ण बातें


डिजिटल डेस्क। जम्मू-कश्मीर स्थित बाबा भोलेनाथ का अमरनाथ का हिन्दू धर्म में खासा महत्व है। अमरनाथ यात्रा पवित्र गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा 1 जुलाई से शुरू हो चुकी है। लगभग दो महीने तक चलने वाली इस यात्रा में देशभर से हजारों श्रद्धालु प्राकृतिक रूप से बर्फ से बनने वाले विशाल शिवलिंग का दर्शन करेंगे। कहा जाता है कि यह वही पौराणिक गुफा है, जहां भगवान शिव ने देवी पार्वती को अमरत्व की कहानी सुनाई थी। 

कहानी सुनते सुनते देवी पार्वती सो गईं और कबूतरों के एक जोड़े ने कथा को सुन अमरत्व प्राप्त किया। हर वर्ष श्रावण मास के दौरान देश-विदेश से हजारों की तादाद में श्रद्धालु पवित्र गुफा में हिमलिंग स्वरुप में विराजमान होने वाले शिव-पार्वती और भगवान गणेश के दर्शन के लिए आते हैं।

बर्फबारी के अलावा कई समस्याओं का सामना
श्री अमरनाथजी की पवित्र गुफा की यात्रा के दौरान 14000 फुट तक की ऊंचाई तक चढ़ाई करनी पड़ती है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को बर्फबारी के अलावा अन्य कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि आप भी इस यात्रा में शामिल होने का विचार कर रहे हैं तो हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ जरुरी बातें, जो मार्ग में आने वाली परेशानियों से आपका बचाव करेंगी, आइए जानते हैं...

ऊंचाई पर चढ़ाव के दौरान होने वाली परेशानी
यदि ऊंचाई के कारण हुई तकलीफ का फौरन इलाज न हो, वह चंद घंटों में जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में आपको लक्षण पहचानकर तुरंत सावधान हो जाना चाहिए और चिकित्सक के पास जाना चाहिए। ऊंचाई के दौरान भूख न लगना, मतली, उल्टी, थकावट, कमजोरी, चक्कर आना और सोने में कठिनाई, देखने में बाधा, मूत्राश्य का ठीक से कार्य न करना, आंतों का ठीक से काम न करना, गतिविधियों में तालमेल न रहना, शरीर के एक हिस्से में लकवा, चेतना का लोप हो जाना और मानसिक स्थिति में बदलाव होना। इसके अलावा सुस्ती, सीने में जकड़न, कंजेशन, तेजी से सांस लेना और हृदय की धड़कन बढ़ना शामिल हैं। 

इन बातों का रखें ध्यान
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यात्रा पर जाने से पहले 4 से 5 किमी तक चलने की आदत डाल लें।
. ऊंचाई पर जाने से पहले अपने चिकित्सक से स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी की जांच कराएं।
. यात्रा के दौरान खाने पीने का ध्यान रखें और श्राइन बोर्ड द्वारा सुझाव गए डाइट चार्ट का पालन करें।
. ऊंचाई पर होने वाली तकलीफों के लक्षण दिखते ही फौरन निचले स्तर पर उतर आइए।
. यात्रा के दौरान सर दर्द की समस्या ना हो, इसके लिए खूब पानी पिएं।
. यात्रा के दौरान हर अंतराल के बाद विश्राम जरुर करें।
. यात्रा के दौरान जल्दबाजी ना करते हुए धीमे चलें और बीच बीच में रुकते रहें।
. ऊंचाई पर चढ़ते वक्त यदि सांस लेने में परेशानी होने पर या कोई भी दवा लेने से पहले चिकित्सक से सलाह जरुर लें।
. थकान और लो ब्लड शूगर लेवर से बचने के लिए कार्बोहाइड्रेट काफी मात्रा में लीजिए।
. नीचे आते वक्त तेजी से चलें, लेकिन बीच बीच में रुकते रहें।
 

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