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वीएचए को मिली मान्यता,एपी जोशी की अध्यक्षता वाली समिति को बैठक में मिली हरी झंडी

March 12th, 2019 12:34 IST
वीएचए को मिली मान्यता,एपी जोशी की अध्यक्षता वाली समिति को बैठक में मिली हरी झंडी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। विदर्भ हॉकी एसोसिएशन के अध्यक्ष बीसी भरतिया व सचिव विनोद गवई के स्थान पर हॉकी इंडिया के वेबसाइट पर उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद जोशी को वीएचए के अध्यक्ष और प्रमोद जैन सचिव दिखाया जा रहा है। हालांकि इससे डॉ. जोशी वाले गुट को हॉकी इंडिया की मान्यता मिलने की पुष्टि नहीं हो रही है, लेकिन पूरे मामले को लेकर डॉ. जोशी ने कहा कि अभी हमें किसी प्रकार का आधिकारिक पत्र नहीं मिला है, पर हॉकी इंडिया ने 21 फरवरी को हुई बैठक में हमें मान्यता प्रदान कर दी है। 

लंबे समय से  चल रहा विवाद
विदर्भ हॉकी एसोसिएशन में लंबे समय से कार्यकारिणी की कार्यप्रणाली को लेकर सदस्यों में विवाद चल रहा था। निर्वाचित सदस्यों की जानकारी के बिना कार्य किए जाने के आरोप लगते रहे। कार्यकारिणी समिति की बैठकें नहीं बुलाने की शिकायतें लगातार आती रहीं। इस बीच डॉ. जोशी गुट ने इन मुद्दों को लेकर वीएचए अध्यक्ष बीसी भरतिया और सचिव विनोद गवई को बर्खास्त कर दिया। दोनों गुटों में विवाद बढ़ जाने पर मामला हाॅकी इंडिया के दरवाजे तक पहुंच गया। हॉकी इंडिया ने इस दौरान हुई नेशनल हॉकी प्रतियोगिताओं में विदर्भ के खेलने पर पाबंदी लगा दी।

गतिविधियां लगभग बंद  
विदर्भ हॉकी में गतिविधियां लगभग बंद पड़ गईं। खिलाड़ियों का और नुकसान न हो, इसलिए डॉ. जोशी गुट ने एक बैठक बुलाकर 11 सदस्यीय समिति का गठन किया। बैठक में विदर्भ हॉकी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अटल बहादुर सिंह ने डॉ. जोशी के नाम को अध्यक्ष के रूप में आगे बढ़ाया, जिस पर सभी सदस्यों ने अपनी सहमति दे दी। प्रमोद जैन को सचिव चुना गया। हॉकी के संचालन के लिए बनी समिति ने 4 जनवरी को हॉकी इंडिया के पास आवेदन किया। जानकारी के अनुसार 21 फरवरी को हुई हॉकी इंडिया की बैठक में डॉ. जोशी के नेतृत्व में बनी समिति को विदर्भ में हॉकी के संचालन का अधिकार दे दिया गया। हालांकि इस पर आधिकारिक रूप से कोई पत्र अभी भी डॉ. जोशी को नहीं मिला है। इस पूरे मामले को लेकर बीसी भरतिया और विनोद गवई से फोन पर संपर्क करने की लगातार कोशिश की गई, लेकिन दोनों से संपर्क नहीं हो पाया।

नेशनल प्रतियोगिताओं में टीम भेजना प्राथमिकता - जोशी
डॉ. जोशी ने हॉकी इंडिया से मिली मान्यता पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पिछले दिनों जो कुछ हुआ, वो सब बिता अध्याय है। मेरे सामने विदर्भ में हॉकी को दोबारा पटरी पर लाने की चुनौती होगी। नेशनल प्रतियोगिताओं में विदर्भ की टीम भेजना हमारी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का किसी प्रकार नुकसान न हो, यह समिति का मुख्य उद्देश्य है। बीसी भरतिया और विनोद गवई ने वीएचए में चुनाव कराने को लेकर सहायक धर्मादाय आयुक्त कार्यालय में आवेदन दिया हुआ है। इस मुद्दे पर उन्होंने कहा कि न्यायालय का जो भी आदेश होगा, उसका आदर करना हमार कर्तव्य होगा।
 

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