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नए नियमों से वाट्सएप का अस्तित्व खतरे में, समेट सकता है भारत से कारोबार!

BhaskarHindi.com | Last Modified - February 07th, 2019 21:26 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फेसबुक के स्वामित्व वाले मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप का अस्तित्व भारत में खतरे में पड़ सकता है। दरअसल, भारत सरकार के सोशल मीडिया कंपनियों के लिए प्रस्तावित नए नियमों में एंड-टु-एंड एनक्रिप्शन को खत्म करने की बात कही गई है। ऐसे में इस फीचर के बिना वॉट्सएप एकदम नया प्रोडक्ट बन जाएगा। बता दें कि एंड-टु-एंड एनक्रिप्शन का मतलब यह है कि केवल मेसेज भेजनेवाला और प्राप्त करनेवाला ही मेसेज को पढ़ सकता है। यहां तक कि वॉट्सऐप भी अगर चाहे तो भेजे गए मेसेज को पढ़ नहीं सकता है।

वॉट्सऐप के कम्यूनिकेशन प्रमुख कार्ल वूग ने कहा कि दुनियाभर के लोग एप में मजबूत गोपनीयता सुरक्षा चाहते हैं। लेकिन भारत सरकार के प्रस्तावित नियम मजबूत गोपनीयता सुरक्षा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि 'हम एंड-टु-एंड एनक्रिप्शन मुहैया कराते हैं, लेकिन नए नियमों के तहत हमें हमारे प्रॉडक्ट को दोबारा से गढ़ने की जरूरत पड़ेगी।' उन्होंने कहा कि इन नियमों में सबसे ज्यादा चिंता का विषय मेसेज को ट्रेस करके उसके सोर्स का पता लगाना है। नए नियमों के लागू होने के बाद भारतीय बाजार से बाहर निकलने की संभावनाओं को लेकर वूग ने कहा कि अभी इस बारे में ज्यादा कुछ कहा नहीं जा सकता। भारत के साथ पहले से ही इस मामले को लेकर बातचीत की जा रही है।

200 मिलियन से ज्यादा मासिक एक्टिव यूजर्स के साथ, भारत व्हाट्सएप का दुनिया में सबसे बड़ा बाजार है। दुनियाभर में वाट्सएप के 1.5 बिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं। वूग ने कहा कि हर महीने लगभग दो मिलियन संदिग्ध खातों पर प्रतिबंध लगाया जाता हैं। रजिस्ट्रेशन के समय ही लगभग 20 प्रतिशत खातों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ये प्रयास चुनावों के दौरान विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं जहां कुछ समूह संदेश भेजने का प्रयास कर सकते हैं।

बता दें कि पिछले साल भारत में वाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग कर कई अफवाहें फैलाई गई थी जिस कारण मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं सामने आई थी। इस मामले को लेकर भारत ने वॉट्सएप के प्रतिनिधियों से बात की थी। जिसके बाद वाट्सएप ने नए फीचर लॉन्च करते हुए एक बार में पांच से ज्यादा यूजर्स को मैसेज फॉर्वर्ड करने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

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