200 करोड़ वसूली मामला मकोका आरोपों के खिलाफ सुकेश की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब

200 करोड़ वसूली मामला मकोका आरोपों के खिलाफ सुकेश की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब
200 करोड़ रुपए कीवसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुकेश ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत अपने खिलाफ आरोप तय किए जाने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है।

नई दिल्ली, 31 जुलाई (आईएएनएस)। 200 करोड़ रुपए कीवसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुकेश ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत अपने खिलाफ आरोप तय किए जाने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर की याचिका पर दिल्ली पुलिस से अपना पक्ष रखने को कहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 सितंबर की तारीख तय की है।

सुकेश चंद्रशेखर ने अपनी याचिका में कहा कि उसके खिलाफ लगाए गए मकोका के आरोपों पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट में अब इस मामले में दिल्ली पुलिस के जवाब के बाद आगे की सुनवाई होगी।

यह मामला करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी और वसूली से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर एक कारोबारी परिवार से बड़ी रकम वसूली। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसने प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने और कानूनी मामलों को सुलझाने का भरोसा देकर पैसे मांगे थे।

मामला तब सामने आया जब फोर्टिस के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि उन्हें एक व्यक्ति ने फोन किया और खुद को केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में बताया और भरोसा दिलाया कि उनके पति से जुड़े कानूनी मामलों में मदद की जा सकती है। इसके बदले उनसे करोड़ों रुपए की मांग की गई।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरी साजिश में कई लोग शामिल थे और सरकारी अधिकारियों की पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया। जांच में आरोप लगाया गया कि करीब 217 करोड़ रुपए तक की रकम अलग-अलग माध्यमों से ली गई। इसी आधार पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

जांच के दौरान सुकेश चंद्रशेखर की भूमिका सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दावा किया था कि सुकेश जेल के अंदर से भी अपनी गतिविधियां चला रहा था। उसके पास से मोबाइल फोन मिलने की बात भी जांच एजेंसियों ने कही थी। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई की।

मकोका एक ऐसा कानून है, जिसका इस्तेमाल संगठित अपराध से जुड़े मामलों में किया जाता है। पुलिस का आरोप था कि सुकेश ने अकेले नहीं बल्कि एक गिरोह के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया।

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Created On :   31 July 2026 12:59 PM IST

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