अगले वर्ष से लक्ष्मण व रानी लक्ष्मीबाई की पुरस्कार राशि 10-10 लाख रुपए करने की आवश्यकताः सीएम योगी

अगले वर्ष से लक्ष्मण व रानी लक्ष्मीबाई की पुरस्कार राशि 10-10 लाख रुपए करने की आवश्यकताः सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हर मेडल के पीछे एक कहानी होती है। केवल भाग्य ही नहीं, बल्कि उसके पीछे संघर्ष, अनुशासन व हार न मानने का दृढ़ संकल्प भी होता है। टैलेंट शुरुआत देता है, लेकिन मेहनत लक्ष्य तक पहुंचाती है। जितना पसीना बहेगा, जीत उतना ही निकट आएगी। खेल गिरना, उठना और जीतना सिखाता है। जो गिरेगा, वही उठेगा और जो उठेगा, वही जीतेगा। जो गिरने से कांप जाएगा, वह उठ नहीं पाएगा। जो उठने में लापरवाही करेगा, जीत के नजदीक नहीं पहुंच पाएगा।

लखनऊ, 24 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हर मेडल के पीछे एक कहानी होती है। केवल भाग्य ही नहीं, बल्कि उसके पीछे संघर्ष, अनुशासन व हार न मानने का दृढ़ संकल्प भी होता है। टैलेंट शुरुआत देता है, लेकिन मेहनत लक्ष्य तक पहुंचाती है। जितना पसीना बहेगा, जीत उतना ही निकट आएगी। खेल गिरना, उठना और जीतना सिखाता है। जो गिरेगा, वही उठेगा और जो उठेगा, वही जीतेगा। जो गिरने से कांप जाएगा, वह उठ नहीं पाएगा। जो उठने में लापरवाही करेगा, जीत के नजदीक नहीं पहुंच पाएगा।

सीएम योगी ने नियुक्ति पत्र, लक्ष्मण व लक्ष्मीबाई पुरस्कार पाने वाले व पदक विजेता सम्मानित खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण व रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार राशि को बढ़ाने का समय आ गया है। अगले वर्ष से इसे 3.11 लाख रुपए के बजाय 10-10 लाख रुपए करने की आवश्यकता है। सीएम ने खेल विभाग को यह प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया। सीएम ने खिलाड़ियों से कहा कि खेल को अनुशासित दिनचर्या का हिस्सा बनाइए, परिश्रम की पराकाष्ठा पर चढ़कर देश के लिए मेडल जीतिए, राज्य सरकार हर स्तर पर सहयोग व समर्थन करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लोकभवन में अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वीरवर लक्ष्मण समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा व अनुशासन के प्रतीक हैं। रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार नारी गरिमा, स्वावलंबन और तेज का प्रतीक है। यह सम्मान राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट योगदान देने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है। सीएम योगी ने कहा कि चैत्र व शारदीय नवरात्रि मातृशक्ति के प्रति भारत की सनातन परंपरा के समर्पण व श्रद्धा के प्रतीक पर्व हैं। इन 9 दिनों में जगतजननी मां का अनुष्ठान और उनके अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। यह उपासना इस बात का प्रतीक है कि जो भी समाज नारी शक्ति के प्रति सम्मान को बनाए रखेगा, वह सतत विकास के अभियान को बढ़ाने के साथ ही लंबे समय तक अपने वजूद को बनाए रखने में सफल होगा।

सीएम योगी ने कहा कि जहां नारी की पूजा-सम्मान होता है, वहां दैवीय शक्तियों की कृपा बरसती है। नारी सम्मान, गरिमा की रक्षा और स्वावलंबन के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाना समृद्धि की नई कड़ी को बढ़ाने जैसा होता है। सीएम योगी ने कहा कि युवा शक्ति अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की भी महत्वपूर्ण कड़ी है। उप्र सरकार 9 वर्ष के नवनिर्माण कार्यक्रम के साथ बढ़ रही है। ऐसी स्थितियों में सरकार खेल की विभिन्न विधाओं के खिलाड़ियों के माध्यम से युवा व नारी शक्ति का सम्मान बढ़ा रही है।

सीएम ने कहा कि 9 वर्ष में हमारी सरकार ने पुरस्कार, इंसेंटिव के रूप में 200 करोड़ रुपये खिलाड़ियों को उपलब्ध कराए हैं। सरकार ने भारत की समृद्ध परंपरा के रूप में कबड्डी, कुश्ती, खो-खो समेत अनेक खेल को बढ़ाया है। 25 करोड़ की आबादी का उत्तर प्रदेश युवा शक्ति का महत्वपूर्ण केंद्रबिंदु है। यूपी की 56 फीसदी युवा शक्ति प्रदेश की ताकत है। यह कामकाजी वर्ग है। जब यह परिश्रम करता है तो उत्तर प्रदेश अपने खाद्यान्न लक्ष्य व विकास दर को 8 से बढ़ाकर 18 फीसदी तक पहुंचाता है। युवा शक्ति यूपी जैसे बीमारू राज्य को अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनाकर रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित कर भारत का ग्रोथ इंजन बनाने का कार्य करती है।

युवा को उचित प्लेटफॉर्म प्राप्त होता है तो वह भारत के लिए मेडल प्राप्त करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में शपथ लेने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया। सीएम ने खेलो इंडिया खेलो, फिट इंडिया मूवमेंट व सांसद खेलकूद स्पर्धा का भी जिक्र करते हुए कहा कि 2017 के बाद राज्य सरकार ने विधायक खेलकूद स्पर्धा का शुरुआत की। हर ब्लॉक स्तर पर खेलो इंडिया के केंद्र स्थापित हो रहे हैं। राज्य सरकार ने ग्रामीण लीग की खेल की नई परंपरा को आगे बढ़ाया।

सीएम ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सिमरन की बातों का जिक्र करते हुए कहा कि गांवों में खेल मैदान है। वहां हर आयु का व्यक्ति जाकर मॉर्निंग वॉक, खेलकूद का हिस्सा बन सकता है। सीएम ने कहा कि गांव व पंचायत के लिए जो धनराशि सरकार उपलब्ध कराती है, उसकी प्राथमिकता में खेल मैदान व ओपन जिम रहता है। बजट में व्यवस्था की गई कि हर विकास खंड स्तर पर मिनी स्टेडियम का निर्माण होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विधायकों और सांसदों से कहा गया कि वे अपनी निधि का उपयोग खेल व संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर कर सकते हैं। मैंने अपनी निधि का पैसा गोरखपुर में इनडोर गेम स्टेडियम बनाने के लिए उपलब्ध कराया। वहां नौजवानों, बच्चों के लिए हमेशा एक्टिविटी चलती है। यह नहीं होता तो ये बच्चे स्मार्ट फोन प्रयोग करते या सड़कों पर घूमते, लेकिन आज वे स्टेडियम में जाकर खेल गतिविधियों से जुड़ते हैं। सीएम योगी ने कहा कि मेरठ में खेल विश्वविद्यालय का निर्माण हो चुका है। मई-जून में उसका लोकार्पण होगा। पाठ्यक्रम गत वर्ष प्रारंभ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडल स्तर पर स्पोट्रस कॉलेज का निर्माण करेंगे और इसे किसी एक खेल के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करेंगे। खिलाड़ियों के इंसेंटिव, सुविधा बढ़ाने के साथ ही पहले से खेल हॉस्टल, स्पोट्रस कॉलेज में रह रहे खिलाड़ियों की लॉजिंग-फूडिंग सुविधा बढ़ाने व बेहतरी के लिए सरकार ने अच्छा कार्य किया है। वॉलीबॉल-बैडमिंटन आदि खेल का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि कोशिश होती है कि बॉल या शटल कॉक नीचे न आए। जैसे ही अवसर मिलता है तो हमारा शॉट इतना तेज होता है कि वह विजय दिलाता है।

सीएम ने जापान के काईजेन (निरंतर सुधार) व मोनो जुकरी (उत्कृष्ट निर्माण कला) का जिक्र किया और कहा कि हर कार्य में निरंतर सुधार की गुंजाइश होती है। अच्छा करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। ये दोनों सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि जीवन की अवधारणा है। जो जीवन को लक्ष्य तक पहुंचाने में नई कार्यशैली का हिस्सा होता है। सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब खेल उपेक्षित था। खिलाड़ी में प्रतिभा थी, लेकिन प्लेटफॉर्म नहीं था। खेल मैदानों पर भूमाफिया ने कब्जा कर लिया था। सरकार के बजट का पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता था। खेल 2014 में केंद्र सरकार के एजेंडे का हिस्सा बना।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2017 के बाद खेल के बारे में कुछ सोचा गया। हमारा बजट खेल में कई गुना बढ़ा। पहले बजट नहीं होता था, अब हम इतना बजट देते हैं कि विभाग खर्च नहीं कर पाता है। सीएम योगी ने कहा कि ओलंपिक में जीतने वाले खिलाड़ी को एकल गेम्स में स्वर्ण पदक पर छह करोड़, रजत पर चार करोड़ व कांस्य पदक पर दो करोड़ रुपये राज्य सरकार उपलब्ध कराती है। एशियन, कॉमनवेल्थ, विश्व चैंपियनशिप, सैफ गेम्स में भी राज्य सरकार पुरस्कार देती है।

सीएम योगी ने कहा कि यूपी देश का पहला राज्य है, जिसने खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नौकरी में प्राथमिकता दी है। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को अलग-अलग पदों में नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। सीएम योगी ने कहा कि देश में चौका-छक्का कहीं भी लगे, लेकिन प्रदेश में बैट मेरठ में ही बनता है। जनपद व राज्य को इससे लोकल व ग्लोबल पहचान प्राप्त हो रही है। यूपी ने जो कार्य किया है, उस अभियान को और मजबूती के साथ बढ़ाने में योगदान देना है। खेल मेडल जीतने के साथ-साथ देश के सामर्थ्य को प्रस्तुत करने का माध्यम होता है। प्रतिभाएं जब टैलेंट को परिश्रम में बदलकर बेहतरीन करती हैं तो देश का गौरव बढ़ता है। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश के खेल सचिव ओलंपियन खिलाड़ी हैं। उन्होंने कई बार पदक जीता है। खेल निदेशक भारतीय हॉकी टीम को लीड कर चुके हैं। जब उस फील्ड से जुड़ा व्यक्ति कार्य करता है तो खेल की गतिविधियां भी बढ़ती हैं।

--- आईएएनएस

विकेटी/एसडी

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Created On :   24 March 2026 8:33 PM IST

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