भारत की बेटियों की उड़ान धरती से अंतरिक्ष तक पहुंच रही है पीएम मोदी

भारत की बेटियों की उड़ान धरती से अंतरिक्ष तक पहुंच रही है  पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 137वें एपिसोड में बेटियों की शक्ति और अंतरिक्ष में उनकी उड़ान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज भारत की बेटियों की उड़ान सिर्फ धरती तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष तक पहुंच रही है।

नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 137वें एपिसोड में बेटियों की शक्ति और अंतरिक्ष में उनकी उड़ान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज भारत की बेटियों की उड़ान सिर्फ धरती तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष तक पहुंच रही है।

पीएम मोदी ने कहा, "आज हमारी बेटियों की शक्ति की उड़ान धरती से निकलकर अंतरिक्ष तक पहुंच रही है। भारत ऐसे सपने देखने वाली दुनिया की हजारों बेटियों को एक साथ जोड़ रहा है और इस प्रयास का नाम है मिशन शक्तिसैट।"

उन्होंने बताया कि इस मिशन के माध्यम से 108 देशों की 12 हजार छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी सीखने और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 23 अगस्त को नेशनल स्पेस डे पर इस मिशन की सुंदर तस्वीर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में देखने को मिली। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में मिशन शक्तिसैट के दूसरे चरण की शुरुआत हुई। इस अवसर पर दुनिया के अलग-अलग देशों और भारत से आई करीब 100 छात्राएं एक साथ जुटीं। भारत के दूरदराज क्षेत्रों से जुड़ी छात्राएं भी इसमें हिस्सा ले रही हैं।

उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रयास का लक्ष्य भी खास है। पूरी तरह से छात्राओं की भागीदारी से तैयार एक सैटेलाइट को मून की ऑर्बिट में भेजने की तैयारी है।

पीएम मोदी ने कहा, "मुझे विश्वास है कि इनमें से अनेक छात्राएं आने वाले समय में साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाएंगी।"

मिशन शक्तिसैट 108 देशों की 12,000 बालिकाओं को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और एसटीईएम शिक्षा से जोड़ने वाली एक वैश्विक अंतरिक्ष पहल है। इस मिशन का उद्देश्य लड़कियों को साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे लाना और उन्हें सैटेलाइट बनाने से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियां सिखाना है।

यह पहल न सिर्फ भारतीय छात्राओं बल्कि दुनिया भर की छात्राओं को एक मंच पर ला रही है, जहां वे मिलकर इनोवेशन कर सकें और भविष्य में अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत का नाम रोशन कर सकें।

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Created On :   30 Aug 2026 12:13 PM IST

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