नाबालिग आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म और मौत के खिलाफ राजौरी में कैंडल मार्च, जल्द से जल्द न्याय की मांग

नाबालिग आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म और मौत के खिलाफ राजौरी में कैंडल मार्च, जल्द से जल्द न्याय की मांग
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में नाबालिग आदिवासी छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म और मौत के मामले के खिलाफ रविवार को मार्च निकाला गया। युवाओं ने कैंडल मार्च निकालकर नाबालिग छात्रा को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने मामले की पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

राजौरी, 30 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में नाबालिग आदिवासी छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म और मौत के मामले के खिलाफ रविवार को मार्च निकाला गया। युवाओं ने कैंडल मार्च निकालकर नाबालिग छात्रा को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने मामले की पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

कैंडल मार्च में शामिल हुईं मेहर हसीन ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "पिछले दिनों किश्तवाड़ में दरिंदगी का मामला सामने आया है, जहां एक अध्यापक की ओर से छात्रा के साथ ऐसी गंदी हरकत की गई, जिसे हम बोल भी नहीं पाते। हमने आज इंसाफ के लिए मार्च निकाला है। यह मार्च नहीं निकाली जाती अगर उसी दिन इंसाफ कर दिया जाता और उस अध्यापक को सजा-ए-मौत सुनाई जाती। अगर अध्यापक को किए की सजा मिल जाती तो हम लोग मार्च न निकालते।

मेहर हसीन ने आगे कहा कि जितने लोग भी मुझे देख रहे हैं, मेरी अपील है कि खुद के लिए आवाज उठाएं। जब तक आप लोगों को इज्जत और बेइज्जती का खुद पता नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाओं से आजादी नहीं मिलेगी। पीड़ितों को आवाज उठाने का हक है। मेरी अपील की है कि एक हफ्ते के अंदर इस मामले में कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर क्राइम ब्रांच जम्मू तक ये बात पहुंची है तो एक महिला होने के नाते मुझे यही उम्मीद है कि इस मामले को जल्द से जल्द हल किया जाएगा।

मेहर हसीन ने कहा कि इस मामले पर कार्रवाई की जाती है तो हमें गर्व महसूस होगा कि जम्मू-कश्मीर में आज भी इंसानियत बाकी है। जब हमारी बेटियों पर सवाल उठता है तो कोई चुप नहीं रहता है। हमारी यही मांग है कि एक हफ्ते में इंसाफ होना चाहिए।

राजौरी के रहने वाले बिलाल रशीद ने कहा कि एक छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले के खिलाफ हम लोगों की ओर से मार्च निकाला गया है। हमारी मांग है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाए। जांच के दौरान जितने भी लोग आरोपी पाए जाते हैं, उनको कड़ी के कड़ी सजा दी जाए।

एडवोकेट इबरार चौधरी ने कहा कि हम शर्मिंदा हैं कि घटना के आठ दिन बाद हम लोगों ने कैंडल मार्च निकाली है। हमें उम्मीद थी कि हमारा संविधान जिंदा है। हमें उम्मीद थी कि उस शख्स को मौत की सजा सुनाई जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 8 दिन बाद हमें पता चला है कि इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच की ओर से की जाएगी। हमें उम्मीद है कि क्राइम ब्रांच इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी।

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Created On :   30 Aug 2026 12:13 PM IST

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