बिहार में विकास को गति देने के लिए एसडीजी के साथ योजनाओं का समन्वय जरूरी डॉ. एन विजयलक्ष्मी

बिहार में विकास को गति देने के लिए एसडीजी के साथ योजनाओं का समन्वय जरूरी डॉ. एन विजयलक्ष्मी
बिहार के योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने गुरुवार को कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति के लिए बिहार में डेटा-आधारित शासन प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर ठोस पहल की जा रही है।

पटना, 19 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने गुरुवार को कहा कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति के लिए बिहार में डेटा-आधारित शासन प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर ठोस पहल की जा रही है।

उन्होंने पटना के एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा, “विकास को वास्तविक गति देने के लिए योजनाओं का एसडीजी के साथ प्रभावी समन्वय अत्यंत आवश्यक है।”

'सतत विकास लक्ष्यों के मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क, पर्यावरणीय लेखांकन एवं जेंडर सांख्यिकी’ विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन अवसर पर उन्होंने बताया कि राज्य सरकार एसडीजी के स्थानीयकरण को प्राथमिकता देते हुए जिला स्तर तक एक सुदृढ़ एवं प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित कर रही है, जिससे योजनाओं की प्रगति का सटीक आकलन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि सटीक एवं प्रभावी नीति निर्माण के लिए डेटा गैप्स की पहचान, जेंडर-संवेदनशील आंकड़ों का सृजन तथा पर्यावरणीय लेखांकन का समावेश राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि महिलाओं एवं पुरुषों के बीच मौजूद असमानताओं को बेहतर ढंग से समझकर ही समावेशी एवं न्यायसंगत नीतियां तैयार की जा सकती हैं।

डॉ. विजयलक्ष्मी ने कहा कि पर्यावरणीय लेखांकन को नीति निर्माण में शामिल कर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस प्रकार का राष्ट्रीय स्तर का कार्यशाला बिहार में पहली बार आयोजित किया गया, जो राज्य की नीति निर्माण क्षमता को नई दिशा प्रदान करेगा। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला बिहार योजना एवं विकास विभाग तथा भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें देश के लगभग 20 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन योजना एवं विकास विभाग के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा बुधवार को किया गया था। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एसडीजी मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क को सुदृढ़ करना, इंडिकेटर आधारित प्रगति की प्रभावी ट्रैकिंग सुनिश्चित करना तथा राज्यों की सांख्यिकीय क्षमता को सशक्त बनाना रहा।

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Created On :   19 March 2026 5:33 PM IST

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