सीबीआई का 'अभय' हेल्पबॉट लॉन्च, साइबर क्राइम-डिजिटल अरेस्ट से बचेंगे लोग
नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने साइबर अपराध और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी धोखाधड़ी से निपटने के लिए एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम लॉन्च किया है। इस सिस्टम का नाम 'अभय' रखा गया है, जो नागरिकों को सीबीआई द्वारा जारी नोटिस की प्रामाणिकता जांचने में मदद करेगा। इसे एक रियल-टाइम नोटिस वेरिफिकेशन हेल्पबॉट के रूप में विकसित किया गया है।
सीबीआई के अनुसार, हाल के वर्षों में साइबर अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक जैसी तकनीकों का दुरुपयोग भी शामिल है। इन तकनीकों के कारण आम लोगों के लिए असली और नकली सूचना में अंतर करना मुश्किल हो गया है।
एजेंसी ने बताया कि 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की धोखाधड़ी खासतौर पर खतरनाक है, जिसमें अपराधी खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। इस तरह के मामलों में फर्जी नोटिस भेजकर यह दावा किया जाता है कि व्यक्ति किसी अपराध में शामिल है। इसके बाद पीड़ित को मानसिक दबाव में रखकर लंबे समय तक 'डिजिटल निगरानी' में रखा जाता है, जबकि भारतीय कानून में ऐसी किसी प्रक्रिया का कोई अस्तित्व नहीं है।
इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए सीबीआई ने 'अभय' सिस्टम तैयार किया है, ताकि नागरिक खुद किसी भी नोटिस की जांच कर सकें। यह सुविधा सीबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। यूजर्स को वेबसाइट पर जाकर 'अभय' विकल्प पर क्लिक करना होगा, जिसके बाद मोबाइल नंबर के जरिए एक ओटीपी सत्यापन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद संबंधित नोटिस की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी।
सिस्टम नोटिस का विश्लेषण करके यह बताएगा कि वह असली है या संदिग्ध रूप से नकली हो सकता है। सीबीआई का कहना है कि यह तकनीक नागरिकों को तुरंत सतर्क करने और धोखाधड़ी से बचाने में मदद करेगी।
जांच एजेंसी ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान कॉल, ईमेल या संदेश पर तुरंत भरोसा न करें, खासकर जब उसमें गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा हो। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया मौजूद नहीं है।
इसके साथ ही नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर अपराध पोर्टल या संबंधित अधिकारियों को दें। सीबीआई ने यह भी कहा है कि वह उन सभी व्यक्तियों और नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी, जो बैंकिंग और टेलीकॉम सिस्टम का दुरुपयोग कर साइबर अपराध को बढ़ावा देते हैं।
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Created On :   15 May 2026 6:58 PM IST












