कर्नाटक बिदादी टाउनशिप के खिलाफ जेडीएस का विरोध प्रदर्शन, कुमारस्वामी ने सीएम शिवकुमार को घेरा
बेंगलुरु, 18 अगस्त (आईएएनएस)। जनता दल (सेक्युलर) (जेडीएस) ने मंगलवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के खिलाफ एक बड़ी विरोध रैली आयोजित की। इस दौरान भारी उद्योग और इस्पात मंत्री और जेडीएस नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह निजी हितों के साथ मिलकर किसानों की हजारों करोड़ रुपए की जमीन हड़पने और उसका फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।
जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव के विरोध में हुए इस प्रदर्शन में पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा, जेडी-एस युवा विंग के अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी, पार्टी के कई नेता और बिदादी के आस-पास के गांवों से हजारों किसान शामिल हुए।
रैली को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने वादा किया कि जेडी-एस बिदादी के किसानों की जमीन नहीं छिनने देगी और उन्होंने शिवकुमार को बिदादी टाउनशिप और एनआईसीई प्रोजेक्ट्स पर खुली बहस की चुनौती दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण करने की कोशिश कर रही है, जबकि निजी और बेनामी कंपनियों के जरिए एनआईसीई प्रोजेक्ट पर नियंत्रण कर रही है।
उन्होंने कहा, "सरकार अहंकार दिखा रही है। बिदादी टाउनशिप और एनआईसीई प्रोजेक्ट्स के जरिए, वह निजी लोगों के साथ मिलकर हजारों करोड़ रुपए की जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है।"
कुमारस्वामी ने जोर देकर कहा कि एनआईसीई देवेगौड़ा का ड्रीम प्रोजेक्ट था और बिदादी टाउनशिप उनका अपना, लेकिन दावा किया कि समय के साथ दोनों को नुकसान पहुंचाया गया है।
उन्होंने शिवकुमार पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि जहां कांग्रेस नेता कनकपुरा के लोगों को अपनी जमीन न बेचने की सलाह देते हैं, वहीं सरकार बिदादी में कृषि भूमि का अधिग्रहण करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने टिप्पणी की, "कनकपुरा को मक्खन मिलता है, जबकि बिदादी को सजा मिलती है।"
उन्होंने बेंगलुरु-मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर प्रोजेक्ट (बीएमआईसीपी) में अनियमितताओं का आरोप लगाया, दावा किया कि एनआईसीई से संबंधित समझौतों का उल्लंघन किया गया है, और एनआईसीई द्वारा अधिग्रहित जमीन का इस्तेमाल निजी अपार्टमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए किए जाने पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जनता से अधिग्रहित जमीन को फंड जुटाने के लिए गिरवी रखा गया था और एनआईसीई पर कर्नाटक हाईकोर्ट की टिप्पणियों का जिक्र करते हुए सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की।
कुमारस्वामी ने सरकार से कांग्रेस नेता टी.बी. जयचंद्र की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा तैयार रिपोर्ट की जांच करने और अगर जमीन का इस्तेमाल उसके मकसद के लिए नहीं किया गया है तो एनआईसीई के नियंत्रण वाली जमीन किसानों को वापस करने का आग्रह किया। उन्होंने प्रस्तावित मुआवजे पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार उस जमीन के लिए लगभग 3 करोड़ रुपए की पेशकश कर रही है जिसकी कीमत पहले बहुत ज्यादा थी।
उन्होंने सरकार को किसानों को उकसाने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि जेडीएस शांतिपूर्ण ढंग से अपना आंदोलन जारी रखेगी।
उन्होंने घोषणा की, "मैं किसी भी हालत में बिदादी के किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा। जब तक मैं जिंदा हूं, मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा और उनके अधिकारों के लिए लड़ूंगा।"
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Created On :   18 Aug 2026 9:13 PM IST












