बॉम्बे हाई कोर्ट: दूरदर्शन पर प्रसारित सत्यमेव जयते कार्यक्रम में कथित मानहानिकारक वक्तव्य देने के मामले में महिला डॉक्टर समेत दो चिकित्सकों को बड़ी राहत

दूरदर्शन पर प्रसारित सत्यमेव जयते कार्यक्रम में कथित मानहानिकारक वक्तव्य देने के मामले में महिला डॉक्टर समेत दो चिकित्सकों को बड़ी राहत
  • अदालत ने मजिस्ट्रेट के दोनों चिकित्सकों के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू करने के आदेश को किया रद्द
  • मजिस्ट्रेट ने कीटनाशक एवं कीटनाशीनाशक उत्पादों के निर्माताओं और विपणनकर्ताओं के संगठन की शिकायत पर 2015 में कार्यवाही का दिया था आदेश

Mumbai News. बॉम्बे हाई कोर्ट से दूरदर्शन पर प्रसारित 'सत्यमेव जयते' कार्यक्रम में कथित मानहानिकारक वक्तव्य देने के मामले में एक महिला डॉक्टर समेत दो चिकित्सकों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मुंबई के एक मजिस्ट्रेट कोर्ट के दोनों चिकित्सकों के खिलाफ आपराधिक मानहानि कारक कार्यवाही शुरू करने के आदेश को रद्द कर दिया है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 2015 में कीटनाशक एवं कीटनाशक नाशक उत्पादों के निर्माताओं और विपणनकर्ताओं के संगठन की शिकायत पर कार्यवाही का आदेश दिया था।

न्यायमूर्ति मिलिंद एन. जाधव की एकल पीठ ने डॉ. रश्मि सांघी और डॉ. गोपाल कबरा की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए कहा कि चिकित्सकों के वक्तव्य सामान्य और शोध पर आधारित थे। उन्होंने किसी विशेष कीटनाशक कंपनी, निर्माता या विक्रेता को बदनाम नहीं किया। उनके वक्तव्यों का उद्देश्य जनहित में जागरूकता फैलाना था। उनके वक्तव्यों से मानहानि के अपराध के आवश्यक तत्व प्रथम दृष्टया स्थापित नहीं होते हैं। मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेने का आदेश भी पर्याप्त कारणों के बिना पारित किया गया था।

याचिकाकर्ता चिकित्सक एवं शोधकर्ता हैं। उन्होंने दूरदर्शन और एक टीवी पर प्रसारित होने वाले ‘सत्यमेव जयते’ कार्यक्रम के एक विशेष एपिसोड में भाग लिया था। कार्यक्रम का विषय था ‘विषाक्त भोजन-हमारी थाली में जहर’। उन्होंने अपने शोध एवं अध्ययनों के आधार पर खाद्य पदार्थों में कीटनाशकों की अधिक मात्रा और उनके मानव स्वास्थ्य पर संभावित दुष्प्रभावों के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए थे।

कीटनाशक एवं कीटनाशीनाशक उत्पादों के निर्माताओं और विपणनकर्ताओं के संगठन क्रॉप केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने उस कार्यक्रम में व्यक्त विचारों पर आपत्ति की। उनका आरोप था कि दोनों चिकित्सकों के वक्तव्यों से कीटनाशकों के उपयोग को हानिकारक बताया गया और इससे जनता में भय उत्पन्न हुआ। इसके आधार पर मजिस्ट्रेट कोर्ट में भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के अंतर्गत मानहानि की शिकायत दाखिल की गई। संगठन द्वारा शिकायत मार्च 2015 में मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल हुई थी, जबकि संबंधित कार्यक्रम 24 जून 2012 को प्रसारित हुआ था। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों चिकित्सकों के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही करने का आदेश दिया था।

Created On :   18 Aug 2026 9:28 PM IST

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