प्रभावी अमल: मराठी सख्ती एवं नियमों के अमल पर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे मंत्री प्रताप सरनाईक, 1.65 लाख से अधिक चालक मराठी संवाद पाठ्यक्रम से जुड़े

मराठी सख्ती एवं नियमों के अमल पर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे मंत्री प्रताप सरनाईक, 1.65 लाख से अधिक चालक मराठी संवाद पाठ्यक्रम से जुड़े
  • टैक्सी एवं ऑटो रिक्शा चालकों के मराठी ज्ञान की होगी जांच
  • 1.65 लाख से अधिक चालक मराठी संवाद पाठ्यक्रम से जुड़े
  • राज्य में 9.78 लाख से अधिक ऑटो-टैक्सी परमिट

Mumbai News. महाराष्ट्र में टैक्सी एवं ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किए जाने के बाद अब राज्य सरकार इसके प्रभावी अमल की दिशा में आगे बढ़ रही है। अब राज्य सरकार द्वारा 12 अगस्त 2026 को लागू किए गए संशोधित नियमों के तहत चालकों के मराठी भाषा ज्ञान की जांच की जाएगी। इन नियमों के क्रियान्वयन की रूपरेखा तय करने के लिए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को मोटर परिवहन विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक में संशोधित नियमों को जमीन पर लागू करने, व्यावसायिक वाहन चालकों के मराठी ज्ञान की जांच करने तथा जांच के लिए आवश्यक प्रक्रिया और कार्यपद्धति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। विशेष रूप से उन चालकों के संबंध में निर्णय लिया जाएगा, जिन्हें अभी तक मराठी भाषा नहीं सीखी है।

राज्य में 9.78 लाख से अधिक ऑटो-टैक्सी परमिट

मंत्री सरनाईक के अनुसार, पूरे महाराष्ट्र में ऑटो रिक्शा और टैक्सी के कुल 9 लाख 78 हजार 541 वैध परमिट हैं। इनमें 9 लाख 16 हजार 884 ऑटो रिक्शा और 61 हजार 657 टैक्सी परमिट शामिल हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र में ही लगभग 4 लाख 62 हजार 387 ऑटो रिक्शा और टैक्सी परमिट धारक हैं। ऐसे में मराठी भाषा के नियम को लागू करना परिवहन विभाग के लिए एक बड़ा प्रशासनिक अभियान माना जा रहा है।

रोजाना लाखों यात्रियों से होता है सीधा संवाद

मंत्री सरनाईक ने कहा कि ऑटो-टैक्सी वाहन चालक रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों के संपर्क में आते हैं। चालक और यात्री के बीच सुचारु संवाद के लिए चालक को मराठी का ज्ञान होना जरूरी है। यातायात, गंतव्य, किराया और अन्य जरूरी जानकारी के आदान-प्रदान में भाषा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि कई गैर-मराठी भाषी चालकों को अभी मराठी का पर्याप्त व्यावहारिक ज्ञान नहीं है। इसलिए नियम लागू करने के साथ-साथ ऐसे चालकों को मराठी सीखने का अवसर देना भी सरकार की प्राथमिकता रही है।

1.65 लाख से अधिक चालकों ने सीखी मराठी

परिवहन विभाग की पहल पर पिछले साढ़े तीन महीनों से ‘हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी संवाद पाठ्यक्रम’ अभियान चलाया गया। इस अभियान को वाहन चालकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। अब तक 1 लाख 65 हजार से अधिक चालक इस अभियान से जुड़ चुके हैं और उन्होंने मराठी भाषा सीखने की तैयारी दिखाई है। अभियान के माध्यम से कई चालकों में यात्रियों के साथ मराठी में बातचीत करने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। हालांकि विभाग के अनुसार अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे चालक हैं, जिन्होंने इस अभियान में हिस्सा नहीं लिया है या जिन्हें मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं है। ऐसे चालकों तक भी पहुंचने की जरूरत है।

लाखों गैर-मराठी चालकों के सामने अब भाषा परीक्षा की चुनौती

राज्य में ऑटो और टैक्सी के करीब 9.78 लाख वैध परमिट होने के बावजूद अब तक केवल 1.65 लाख से अधिक चालकों ने मराठी भाषा सीखने के अभियान में हिस्सा लिया है। इसका अर्थ है कि बड़ी संख्या में चालक अभी भी व्यवहारिक मराठी के प्रशिक्षण से बाहर हैं। ऐसे चालकों को लेकर बुधवार की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Created On :   18 Aug 2026 9:24 PM IST

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