एसआईआर पर सियासी घमासान: रोहित पवार बोले- बिहार जैसा हाल हुआ तो लोकतंत्र और मतदान के अधिकार पर खतरा, अमीन पटेल ने जताई अपने विधानसभा क्षेत्र में वोटर्स की चिन्ता

रोहित पवार बोले- बिहार जैसा हाल हुआ तो लोकतंत्र और मतदान के अधिकार पर खतरा, अमीन पटेल ने जताई अपने विधानसभा क्षेत्र में वोटर्स की चिन्ता
  • विधानसभा क्षेत्र में 2.41 लाख मतदाताओं में से 95 हजार से अधिक को मृतक या स्थाई रूप से स्थानांतरित दिखाया गया- अमीन पटेल
  • रोहित पवार बोले- बिहार जैसा हाल हुआ तो लोकतंत्र और मतदान के अधिकार पर खतरा

Mumbai News. महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल के बाद अब राकांपा (शरद) विधायक रोहित पवार ने भी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। रोहित ने आशंका जताई कि एसआईआर को लेकर बिहार में जो स्थिति सामने आई, वैसी ही स्थिति महाराष्ट्र में भी पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उधर कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने भी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम को पत्र लिखकर उनके मुंबादेवी विधानसभा क्षेत्र से 2.41 लाख मतदाताओं में से करीब 95 हजार को मृत या स्थाई रूप से स्थानांतरित दिखाया गया है।

बिहार का महाराष्ट्र में होने का डर

रोहित पवार ने एसआईआर को लेकर बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में भी वैसी ही स्थिति बनने की आशंका है। उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 को लेकर भी सवाल उठाए। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम से मुलाकात के बाद रोहित ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान महाराष्ट्र में फॉर्म-6 के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम अचानक बढ़े और बाद में इनमें से कई नाम हट भी गए। रोहित ने दावा किया कि कुछ जगहों पर एक ही कमरे में बड़ी संख्या में लोगों के रहने का उल्लेख मतदाता रिकॉर्ड में किया गया था, लेकिन चुनाव के बाद जब इन मतदाताओं को खोजने का प्रयास किया गया तो वे नहीं मिले। रोहित ने कहा कि विपक्ष यह समझना चाहता है कि फॉर्म-6 के जरिए मतदाताओं के नाम जोड़ने और उनकी जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया किस तरह की जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अभी करीब तीन साल का समय है, तो मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक मतदाता सूची से करीब 1 करोड़ 8 लाख लोगों के नाम कम हुए हैं। रोहित ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से उपलब्ध कराए गए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा मतदाता प्रक्रिया पर दबाव डाला जा रहा है और मतदाता सूची में हेरफेर की जा रही है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल का चुनावी प्रक्रिया में बढ़ता हस्तक्षेप लोकतंत्र के लिए खतरनाक हो सकता है।

अमीन पटेल ने उठाया 95,538 मतदाताओं का मुद्दा

कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने भी महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम को पत्र लिखकर उनके मुंबादेवी विधानसभा क्षेत्र में बीएलए पर कथित रूप से ठीक से काम नहीं करने की शिकायत की है। पटेल के पत्र के अनुसार मुंबादेवी विधानसभा क्षेत्र में करीब 2 लाख 41 हजार 959 मतदाता हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के उपलब्ध आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि इनमें से करीब 95 हजार 538 मतदाताओं यानी लगभग 39 प्रतिशत को स्थाई रूप से स्थानांतरित या मृतक की श्रेणी में दिखाया गया है। पटेल ने मांग की है कि केवल गलत रिपोर्टिंग या सत्यापन में कमी के कारण मतदाता सूची से बाहर न हो। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया की 17 अगस्त 2026 की समयसीमा बढ़ाने की भी मांग की है, ताकि फॉर्म के वितरण, संग्रह, सत्यापन और डिजिटाइजेशन के लिए पर्याप्त समय मिल सके

Created On :   17 Aug 2026 10:51 PM IST

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