Maharashtra Politics: कश्मीर में 370 हटने के बाद क्या बदला? अबू आजमी ने सरकार पर उठाए सवाल

कश्मीर में 370 हटने के बाद क्या बदला? अबू आजमी ने सरकार पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद, अल्पसंख्यकों की स्थिति, राष्ट्रगान, वंदे मातरम, शहरों के नाम बदलने और देश में बढ़ती नफरत की राजनीति पर बात की। अबू आजमी ने कहा कि देश को विवाद और विभाजन की राजनीति के बजाय विकास, रोजगार और आपसी भाईचारे पर ध्यान देना चाहिए।

370 हटने के बाद भी आतंकवाद पर सवाल

आईएएनएस से बातचीत में अबू आजमी ने अनुच्छेद 370 के इतिहास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आजादी के समय कश्मीर को भारत के साथ जोड़ने को लेकर परिस्थितियां अलग थीं। पाकिस्तान की ओर से कबायली हमले के बाद कश्मीर को सैन्य मदद की जरूरत पड़ी और भारतीय नेतृत्व ने सहायता उपलब्ध कराई। इसी दौरान अनुच्छेद 370 से जुड़ी व्यवस्था अस्तित्व में आई।

अबू आजमी ने कहा कि बाद में यह उम्मीद की गई थी कि जम्मू-कश्मीर की विधानसभा की प्रक्रिया के जरिए अनुच्छेद 370 को हटाया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने 370 हटाने के बाद घाटी में आतंकवाद खत्म होने की बात कही थी, लेकिन उनके मुताबिक ऐसा पूरी तरह नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि पिछले साल हुए एक हमले में 26 लोगों की जान गई। अबू आजमी ने दावा किया कि 370 हटने के बाद भी आतंकवाद और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। उन्होंने सरकार पर विकास के बजाय दूसरे मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देने का आरोप लगाया।

राष्ट्रगान और वंदे मातरम पर भी बोले

अबू आजमी ने केरल में स्कूली बच्चों से जुड़े राष्ट्रगान के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ बच्चों ने स्कूल में राष्ट्रगान नहीं गाया था। स्कूल की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। आजमी ने कहा कि अदालत ने माना कि केवल राष्ट्रगान नहीं गाने के आधार पर बच्चों को देशद्रोही नहीं कहा जा सकता।

वंदे मातरम को लेकर उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन किसी पर उन्हें जबरन थोपना सही नहीं है। उनका कहना था कि देशभक्ति का सम्मान होना जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर विवाद खड़ा करने से बचना चाहिए।

पंकजा मुंडे की तारीफ

भाजपा नेता पंकजा मुंडे को लेकर अबू आजमी ने सकारात्मक बात कही। उन्होंने कहा कि वह मुंडे का सम्मान करते हैं और जरूरत पड़ने पर वह उनकी मदद करती हैं। आजमी के मुताबिक, मुंडे किसी व्यक्ति की पार्टी देखकर मदद करने का फैसला नहीं करतीं।

उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि पंकजा मुंडे ने कई लोगों की मदद की है। उन्होंने पाशा सैयद का उदाहरण भी दिया और कहा कि मुंडे ने उनके राजनीतिक सफर में सहयोग किया था।

शहरों के नाम बदलने पर सरकार को घेरा

शहरों के नाम बदलने की राजनीति पर अबू आजमी ने कहा कि इससे आम लोगों की मूल समस्याएं हल नहीं होतीं। उनके मुताबिक, किसी शहर का नाम बदलने से न रोजगार पैदा होता है और न ही शिक्षा या स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर होती है।

उन्होंने सरकार से महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। आजमी ने कहा कि जनता के लिए ये मुद्दे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं और सरकार को इन्हीं पर काम करना चाहिए।

संविधान और भाईचारे की बात

अबू आजमी ने कहा कि समाजवादी पार्टी संविधान और देश की गंगा-जमुनी तहजीब में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है और देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने नफरत और विभाजन की राजनीति से बचने की बात कही और कहा कि देश के विकास के लिए आपसी भाईचारा और सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।

Created On :   17 Aug 2026 12:21 AM IST

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